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Posted: June 18, 2025Categories: प्रेस विज्ञप्ति
हिन्दी कविता के भूगोल को विस्तार देती हैं पार्वती तिर्की की कविताएँ
Read more‘फिर उगना’ कविता-संग्रह के लिए पार्वती तिर्की को साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार-2025
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Posted: June 16, 2025
इच्छाओं के जीवाश्म : दृश्य के उस पार की कविताएँ
Read moreउस्मान ख़ान के कविता-संग्रह ‘इच्छाओं के जीवाश्म’ की समीक्षा
समीक्षक : पवन करण
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Posted: June 14, 2025
उर्दू की आख़िरी किताब
Read moreइंब्ने इंशा की किताब ‘उर्दू की आख़िरी किताब’ से कुछ व्यंग्य
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Posted: June 11, 2025Categories: पुस्तक अंश
समलैंगिकता : ‘मने माणस वधारे फावे छे’
Read moreसुधीर चन्द्र द्वारा लिखित जीवनी ‘भूपेन खख्खर : एक अंतरंग संस्मरण’ का अंश
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Posted: June 07, 2025
देहरी पर पत्र : एक लेखक का पाठक होना देखना
Read moreनिर्मल वर्मा की किताब ‘देहरी पर पत्र’ की समीक्षा
समीक्षक : विनीता बाडमेरा
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Posted: June 05, 2025
जैसे सतपुड़ा की मिट्टी को हथेली पर रखकर देखना
Read moreलीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली है’ की समीक्षा
समीक्षक : जयप्रकाश मानस
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Posted: June 02, 2025
मालूम होता है कोई मास्टर मर गया है!
Read moreनन्ददुलारे वाजपेयी की जयशंकर प्रसाद पर केन्द्रित पुस्तक का वह अंश जिसमें प्रेमचंद की अन्तिम-यात्रा का प्रसंग है।
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Posted: June 02, 2025
परफ़ैक्शनिस्ट प्रकाशक—ओंप्रकाश
Read moreराजेन्द्र यादव द्वारा सम्पादित ओंप्रकाशजी के लेखों के संग्रह ‘सबद रमन्ता सबद गुणन्ता’ का अंश