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Posted: May 30, 2025
राजकमल ऑनलाइन बुक फेयर 2025 में क्या है ख़ास?
Read moreराजकमल ऑनलाइन बुक फेयर 2025 (29 मई से 9 जून)
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Posted: May 27, 2025
टोपी शुक्ला : सांप्रदायिक पहचान, सामाजिक घुटन और टूटते आदर्श की कहानी
Read moreराही मासूम रज़ा के उपन्यास ‘टोपी शुक्ला’ की समीक्षा
समीक्षक : मनोज कुमार झा
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Posted: May 24, 2025
जब 20 लाख मज़दूरों ने देशभर में थाम दिए थे ट्रेनों के पहिए
Read moreगौतम चौबे के उपन्यास ‘चक्का जाम’ का अंश
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Posted: May 23, 2025Categories: समीक्षा
‘आदिवासी नवजागरण’ को प्रस्तावित, स्थापित और प्रमाणित करने का प्रयास
Read moreराहुल सिंह की किताब ‘जनजातीय नवजागरण’ की समीक्षासमीक्षक : राही डूमरचीर -
Posted: May 22, 2025Categories: प्रेस विज्ञप्ति
भारतीय भाषाओं के साहित्य में अनंत संभावनाएँ, अनुवाद को बढ़ावा देने की जरूरत
Read more‘रेत समाधि’ और ‘हार्ट लैम्प’—दोनों कृतियों की उपलब्धियाँ यह दिखाती हैं कि भारतीय भाषाओं की रचनात्मकता अब विश्व साहित्य की मुख्यधारा में स्वीकार की जा रही है।