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Posted: July 15, 2025
अंतिम अरण्य : संबंधों की टूटन और चुप्पियों के बीच जीवन-मृत्यु का दर्शन
Read moreनिर्मल वर्मा के उपन्यास ‘अंतिम अरण्य’ की समीक्षा
समीक्षक : विनीता बाडमेरा
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Posted: June 07, 2025
देहरी पर पत्र : एक लेखक का पाठक होना देखना
Read moreनिर्मल वर्मा की किताब ‘देहरी पर पत्र’ की समीक्षा
समीक्षक : विनीता बाडमेरा
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Posted: April 03, 2025Categories: किताबें
निर्मल वर्मा द्वारा अनूदित विश्व साहित्य की पुस्तकें
Read moreनिर्मल वर्मा के जन्मदिन के अवसर पर राजकमल ब्लॉग में प्रस्तुत है उनके द्वारा अनूदित विभिन्न विधाओं की कुछ विश्व प्रसिद्ध कृतियों का संक्षिप्त परिचय।
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निर्मल वर्मा हिन्दी के उन गिने-चुने साहित्यकारों में से हैं जिन्हें अपने जीवनकाल में ही अपनी कृतियों को क्लासिक बनते देखने का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उनके गद्य को पढ़ते हुए अपनी ही भाषा की सम्प्रेषणीयता हमें चकित कर देती है। इस अनूठे लेखक ने 25 अक्टूबर के दिन इस दुनिया से विदा ली। उनकी पुण्यतिथि पर राजकमल ब्लॉग में उनके कथा-साहित्य का एक संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत है।Read more