Back to Top
-
राजकमल प्रकाशन समूह की वेबसाइट पर 21 से 30 जून, 2024 तक ऑनलाइन बुक फेयर का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वेबसाइट पर उपलब्ध समूह की सभी किताबों पर पाठकों को आकर्षक छूट मिलेगी।Read more
-
राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, बकरीद के दिन एक परिवार द्वारा अपने अजीज बकरे की कुर्बानी देने की कहानी—क़ुर्बान। यह कहानी शहादत के कहानी संग्रह ‘कर्फ़्यू की रात’ में संकलित है।Read more
-
Posted: June 06, 2024
नीतीश कुमार ने क्यों लौटा दिए थे नरेन्द्र मोदी के भेजे हुए पाँच करोड़?
लोकसभा चुनाव के बाद बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार बहुत चर्चा में है और उन्हें एनडीए के किंगमेकर के तौर पर देखा जा रहा है। राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, उदय कांत द्वारा लिखित उनकी जीवनी ‘नीतीश कुमार : अंतरंग दोस्तों की नज़र से’ में से नीतीश कुमार एक रोचक किस्सा, जब उन्होंने बीजेपी नेताओं से लिए रखी हुई दावत को अचानक से रद्द कर दिया था।Read more -
विश्व पर्यावरण दिवस पर राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, अनुपम मिश्र की किताब ‘बिन पानी सब सून’ से एक लेख— ‘पर्यावरण क्यों नहीं बनता चुनावी मुद्दा?’ यह लेख बीस साल पहले 2004 में लिखा गया था लेकिन आज यह उस समय से भी ज्यादा प्रासंगिक है।Read more
-
राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, ज्ञान चतुर्वेदी के नए उपन्यास ‘एक तानाशाह की प्रेमकथा’ का एक अंश। इस उपन्यास में लेखक ने प्रेम जैसे सार्वभौमिक तत्त्व को अपना विषय बनाया है और उसे वहाँ से देखना शुरू किया है जहाँ वह अपने पात्र के लिए ही घातक हो उठता है। वह आत्ममुग्ध प्रेम किसी को नहीं छोड़ता चाहे प्रेमी के लिए प्रेमिका हो, पति के लिए पत्नी हो या शासक के लिए देश।Read more
-
राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, परकाला प्रभाकर की किताब ‘नये भारत की दीमक लगी शहतीरें : संकटग्रस्त गणराज्य पर आलेख’ का एक अंश, जिसमें उन्होंने देश में बढ़ती गरीबी और सरकार द्वारा उसके आंकड़ों को छुपाने के खेल पर चर्चा की है।Read more
-
पूर्व-प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, रशीद किदवई की किताब ‘भारत के प्रधानमंत्री’ का एक अंश, जिसमें राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने से लेकर उनकी हत्या तक देश के राजनीतिक घटनाक्रम का संक्षिप्त वर्णन किया गया है।Read more
-
राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, हिन्दी के मूर्धन्य व्यंग्य शिल्पी शरद जोशी के राजनीतिक व्यंग्यों के संकलन ‘वोट ले दरिया में डाल’ से एक व्यंग्य। इसमें उन्होंने राजनीति की कई अलग-अलग परिभाषाएँ यह समझाया है कि राजनीति की दरअसल क्या होती है?Read more
-
राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, धवल कुलकर्णी की किताब ‘ठाकरे भाऊ’ का एक अंश, जिसमें महाराष्ट्र की राजनीति में राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रभाव के बारे में चर्चा की गई है। इस किताब के जरिए लेखक ने इन दोनों भाइयों के राजनीतिक उतार-चढ़ाव और पहचान की महाराष्ट्रीय राजनीति का विश्लेषण प्रस्तुत किया है।Read more