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Posted: August 01, 2025Categories: समीक्षा
कामनाओं की मुँडेर पर : मुलायमियत भी, ज़माने को जला देने वाली आग-सी कहानियाँ
Read moreगीताश्री के कहानी-संग्रह ‘कामनाओं की मुँडेर पर’ की समीक्षा
समीक्षक - निवेदिता
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Posted: July 31, 2025Categories: आयोजन
देवी प्रसाद मिश्र और गौतम चौबे शिव कुमार ‘शिव’ स्मृति सम्मान-2025 से सम्मानित
Read more‘किस्सा’ पत्रिका का वार्षिक शिव कुमार ‘शिव’ स्मृति सम्मान इस वर्ष देवी प्रसाद मिश्र और गौतम चौबे को प्रदान किया गया।
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लेखक-पत्रकार रवीश कुमार ने इंक़लाबी कवि ‘पाश’ के अनन्य दोस्त शमशेर सिंह संधू से हुई मुलाक़ात का क़िस्सा साझा किया है, आप भी पढ़ें।
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Posted: July 28, 2025
नामवर सिंह : बातें कुछ अपनी, कुछ अपनों की
Read moreनामवर सिंह के जन्मदिवस पर पढ़ें, आशीष त्रिपाठी द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘जीवन क्या जिया’ से एक अंश
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Posted: July 26, 2025
आज ही के दिन 123 वर्ष पहले पिछड़ों को पहली बार मिला था आरक्षण
Read moreछत्रपति शाहूजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित संजीव के उपन्यास ‘प्रत्यंचा’ का एक अंश
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मिथिलेश प्रियदर्शी के कहानी-संग्रह ‘लोहे का बक्सा और बन्दूक’ पर उज़मा कलाम की टिप्पणी
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सुप्रसिद्ध रंगकर्मी रतन थियाम को अमितेश कुमार की श्रद्धांजलि
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Posted: July 21, 2025
झीनी-झीनी बीनी चदरिया : टूटने और जुड़ने के बीच रंग बुनती ज़िन्दगी
Read moreअब्दुल बिस्मिल्लाह के उपन्यास ‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ पर महेश मिश्रा की टिप्पणी
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जयपुर से कोलकाता तबादले पर जाने के बाद सबसे पहले जिस साहित्यिक व्यक्ति से संपर्क बना, वह शंख घोष थे। उनकी स्मृति में प्रस्तुत है।
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विनोद दास: सर्वप्रथम कवि बनने के संबंध में आपने कब और क्यों सोचा?
शंख घोष: