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शिक्षक दिवस पर राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था का बेहद करीबी और आँखों देखा हाल बताती एस. गिरिधर की किताब ‘साधारण लोग असाधारण शिक्षक’ का एक अंश। यह किताब पिछड़े इलाकों और वंचित तबकों के बीच सरकारी स्कूलों का महत्व बताने के साथ उस माहौल और परिवेश का प्रामाणिक वर्णन करती है जिसमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक काम करते हैं।Read more
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Posted: August 29, 2024
खेलों में भारत के स्वर्णिम पल
राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, कनिष्क पाण्डेय की किताब ‘खेलों में भारत के स्वर्णिम पल’ से कुछ ऐसे पलों के बारे में जब खेल स्पर्धाओं में हमारे खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया।Read more -
नामवर सिंह की जयंती पर राजकमल ब्लॉग में पढ़ें, सुमन केशरी द्वारा सम्पादित किताब ‘जेएनयू में नामवर सिंह’ का एक अंश जिसमें नामवर सिंह ने जेएनयू में भारतीय भाषा विभाग की शुरूआत से जुड़ें कुछ संस्मरण साझा किए हैं।Read more
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अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक अरुंधति रॉय को ‘निर्भीक और मुखर’ लेखन के लिए प्रतिष्ठित पेन पिंटर पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार इंग्लैंड की पेन संस्था द्वारा नोबेल पुरस्कार से सम्मानित नाटककार हेरोल्ड पिंटर की स्मृति में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए दिया जाता है। राजकमल ब्लॉग के इस विशेष अंक में जानें, अपने दमदार और बेजाेड़ लेखन से दुनियाभर में अपना लोहा मनवाने वाली लेखक अंरुधति रॉय की किताबों की विषयवस्तु क्या है?Read more
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राजकमल ब्लॉग में राजनीतिक उपन्यासकार नवीन चौधरी बता रहे हैं कुछ ऐसी किताबों के बारे में जो राजनीति को भीतर से समझने में पाठकों को एक नई दृष्टि प्रदान करती हैं। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं की इन किताबों में से कुछ उपन्यास है और कुछ कथेतर किताबें।Read more