फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का जन्म 13 फ़रवरी, 1911 को सियालकोट में हुआ। उन्होंने 1936 में प्रगतिशील लेखक संघ की एक शाखा पंजाब में आरम्भ की। 1935 में एम.ए.ओ. कॉलेज, अमृतसर और बाद में हेली कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, लाहौर में अध्यापन किया। 1938-1942 के दौरान उर्दू मासिक ‘अदबे लतीफ़’ के सम्पादक रहे। कुछ समय तक ब्रिटिश इंडियन आर्मी में भी रहे। 1964 में लन्दन से वापस आने के बाद वे कराची में अब्दुल्लाह हारून कॉलेज के प्रिंसिपल नियुक्त हुए। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘नक़्श-ए-फ़रियादी’, ‘दस्ते-सबा’, ‘ज़िन्दाँनामा’, ‘मीज़ान’, ‘दस्ते-तहे-संग’, ‘सरे-वादी-ए-सीना’, ‘शामे-श्हरे-याराँ’, ‘मेरे दिल मेरे मुसाफ़िर’, ‘सारे सुख़न हमारे’ (फ़ैज़ समग्र) लन्दन से और ‘नुस्ख़हा-ए-वफ़ा’ (फ़ैज़ समग्र) पाकिस्तान से। उन्हें ‘लेनिन पीस प्राइज़’, ‘द पीस प्राइज़’, ‘निशाने-इम्तियाज़’ (मरणोपरान्त) से नवाज़ा गया। 1984 में मृत्यु से पहले ‘नोबेल प्राइज़’ के लिए भी उनका नामांकन हुआ।