Shaheen Abbas
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शाहीन अब्बास
शाहीन अब्बास का जन्म 29 नवंबर, 1965 को पंजाब के शहर शेखूपुरा में हुआ। उन्होंने लाहौर की यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से तालीम हासिल की और पेशे से इंजीनियर बने, मगर उनका तख़्लीक़ी रुझान शुरू से अदब और शायरी की तरफ़ रहा। 1980 के आसपास उन्होंने शायरी करनी शुरू की और धीरे-धीरे उनकी आवाज़ अदबी हल्क़ों में पहचानी जाने लगी। 1998 में उनका पहला शायरी संग्रह ‘तहय्युर’ प्रकाशित हुआ, जिसमें ग़ज़लें शामिल थीं। इसके बाद ‘वाबस्ता’ (2002), ‘ख़ुदा के दिन’ (2009), ‘मुनादी’ (2013) और ‘दरस धारा’ (2014) जैसी किताबें सामने आईं, जबकि ‘गलियों गलियों’ नामी शेरी मजमूए ने उनके काव्य-सफ़र को और विस्तार दिया। शायरी के साथ-साथ उनका एक उपन्यास ‘पारे शुमारे’ और अफ़सानों का एक संग्रह भी सामने आया। 1990 के बाद से शाहीन अब्बास पाकिस्तान के उन अहम शायरों में गिने जाते हैं, जिनकी रचनाओं में अपने दौर की संवेदना और सोच की झलक साफ़ मिलती है।



