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Ramdoot : Hanuman Ka Aatmakhyan

Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Ramdoot : Hanuman Ka Aatmakhyan

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प्रभु श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण सहित ऋष्यमूक पर्वत की एक दूसरी सुरम्य चोटी, जिसका नाम प्रस्रवण था, पर चले गए और वहाँ एक गुफा में निवास करने लगे। मैंने उनसे आग्रह किया कि मैं दास-रूप में उनके निकट रहकर उनकी सेवा करना चाहता हूँ। इस सम्बन्ध में मैंने सुग्रीव जी से भी अनुमति ले ली थी, किन्तु प्रभु श्रीराम ने मेरे आग्रह को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि, “मैं आपके अतिशय स्नेह एवं सत्कार की भावना से अनुगृहीत हूँ, हनुमान। किन्तु, आपका प्रस्ताव मैं स्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि मैं और मेरे अनुज लक्ष्मण तपस्वी रूप में हैं और तपस्वियों को किसी दास से सेवा लेने का अधिकार नहीं है। आपकी सेवा नहीं, आपकी सहायता की मुझे आवश्यकता है। इसके अनेक अवसर आगे आएँगे। अभी वर्षा ऋतु प्रारम्भ हो गई है। इस काल में यात्रा एवं उद्योग सम्बन्धित सारे कार्य स्थगित हो जाते हैं। वर्षा ऋतु के इन चार महीनों आप किष्किन्धापुरी में विश्राम करें और मैं लक्ष्मण सहित प्रस्रवण पर्वत पर। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही सीता की खोज शुरू कर दी जाएगी।”

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 280p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 2
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Trilok Nath Pandey

Author: Trilok Nath Pandey

त्रिलोक नाथ पांडेय

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (अब चन्दौली) ज़िले के नेकनामपुर गाँव में 1 जुलाई, 1958 को जन्मे त्रिलोक नाथ पांडेय की आरम्भिक शिक्षा गाँव के विद्यालय में हुई। उसके बाद, इन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। भारत सरकार के गृह मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में देश के विभिन्न स्थानों पर पदस्थापित रहे। सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक (2010) एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक (2017) से अलंकृत किये जा चुके हैं। अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों भाषाओं में लिखते हैं।

आपकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘प्रेम लहरी’, ‘चाणक्य के जासूस’, ‘महाब्राह्मण’ (उपन्यास); ‘खुफ़ियागीरी युगे-युगे’, ‘काशीकथा’ (कहानी-संग्रह)।

सम्पर्क : [email protected] 

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