| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Hard Back, Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2022 |
| Edition Year | 2022, Ed. 1st |
| Pages | 216p |
| Price | ₹250.00 |
| Publisher | Lokbharti Prakashan |
| Dimensions | 22 X 14.5 X 1.5 |
Author: Nasera Sharma
नासिरा शर्मा
नासिरा शर्मा का जन्म 22 अगस्त, 1948 को इलाहाबाद में हुआ। उन्होंने फ़ारसी भाषा और साहित्य में एम.ए. किया। हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी, पश्तो एवं फ़ारसी पर उनकी गहरी पकड़ है। वह ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के समाज और राजनीति के अतिरिक्त साहित्य, कला व संस्कृति विषयों की विशेषज्ञ हैं। इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान व भारत के राजनीतिज्ञों तथा प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों के साथ उन्होंने साक्षात्कार किये, जो बहुचर्चित हुए। ईरानी युद्धबन्दियों पर जर्मन व फ़्रांसीसी दूरदर्शन के लिए बनी फ़िल्म में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। सर्जनात्मक लेखन में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के साथ ही स्वतंत्र पत्रकारिता में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है।
उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—बहिश्ते ज़हरा, शाल्मली, ठीकरे की मँगनी, ज़िन्दा मुहावरे, कुइयाँ जान, ज़ीरो रोड, अक्षयवट, अजनबी ज़जीरा, पारिजात, काग़ज़ की नाव, शब्द पखेरू, दूसरी जन्नत, अल्फ़ा-बीटा-गामा, कुछ रंग थे ख़्वाबों के (उपन्यास); शामी काग़ज़, पत्थर गली, संगसार, इब्ने मरियम, सबीना के चालीस चोर, ख़ुदा की वापसी, बुतख़ाना, दूसरा ताजमहल, इनसानी नस्ल, सुनहरी उँगलियाँ (कहानी-संग्रह); राष्ट्र और मुसलमान, औरत के लिए औरत, औरत की दुनिया, वो एक कुमारबाज़ थी, औरत की आवाज़, मैंने सपना देखा (लेख-संग्रह); जहाँ फ़व्वारे लहू रोते हैं (रिपोर्ताज); यादों के गलियारे (संस्मरण); अपने ख़्वाब की ताबीर चाहती हूँ (साक्षात्कार); फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला (संचयन) अफ़ग़ानिस्तान : बुज़कशी का मैदान, मरजीना का देश इराक़ (सम्पूर्ण अध्ययन व शोध); शाहनामा-ए-फ़िरदौसी, ग़ुलिस्तान-ए-सादी, क़िस्सा जाम का, काली छोटी मछली, पोयम ऑफ़ प्रोटेस्ट, बर्निंग पायर, अदब में बाईं पसली (अनुवाद); किताब के बहाने, सबसे पुराना दरख़्त (आलोचना); जब समय बदल रहा हो इतिहास (विविध)।
इनके अलावा बाल-साहित्य, दूरदर्शन और रेडियो के लिए भी विपुल लेखन।
सम्पर्क : [email protected]
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