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Mayank Murari

Mayank Murari

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मयंक मुरारी

मयंक मुरारी ने राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। उन्होंने ग्रामीण विकास, प्रबन्धन, जनसम्पर्क एवं पत्रकारिता का अध्ययन भी किया है।  ‘विकास के वैकल्पिक माध्यम’ विषय पर पी-एच.डी.

की है। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘मानववाद एवं राजव्यवस्था’, ‘राजनीति एवं प्रशासन’, ‘भारत : एक सनातन राष्ट्र’, ‘माई : एक जीवनी’, ‘झारखंड के अनजाने खेल’, ‘झारखंड की लोक कथाएँ’, ‘लोक जीवन : पहचान, परम्परा और प्रतिमान’, ‘यात्रा बीच ठहरे कदम’, ‘ओ जीवन के शाश्वत साथी’, ‘पुरुषोत्तम की पदयात्रा’, ‘अच्छाई की खोज’, ‘भगवा ध्वज’, ‘जंबूद्वीपे भरतखंडे’, ‘दिव्य जीवन’, ‘सनातन उत्सव का देश’, ‘The Tribal Braveheart’ आदि शामिल हैं। इसके अलावा आध्यात्मिक और भारतीय दर्शन पर आधारित उनके आलेख देश के सभी प्रतिष्ठित समाचारपत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं। वे व्यक्तित्व विकास, प्रेरणा और संवाद के अलावा भारतीय परम्परा एवं जीवन पर विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में नियमित तौर पर व्याख्यान भी देते हैं।

उन्हें झारखंड विधानसभा के ‘सृजन सम्मान’, ‘तुलसी सम्मान’, ‘शब्द शिल्प सम्मान’, ‘प्रभात खबर सम्मान’, ‘विद्या वाचस्पति’, ‘झारखंड गौरव सम्मान’, ‘सिद्धनाथ कुमार स्मृति सम्मान’, ‘झारखंड रत्न’, ‘जयशंकर प्रसाद स्मृति सम्मान’, ‘साहित्य अकादेमी रामदयाल मुंडा कथेतर सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। समाज सेवा के लिए उन्हें ‘लायंस क्लब ऑफ राँची’ समेत अन्य संस्थाओं द्वारा भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

ई-मेल : [email protected]

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