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Suni Ghati Ka Suraj-Hard Cover

Author: Shrilal Shukla
ISBN: 9788171787906
Edition: 2025, Ed. 8th
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
Special Price ₹505.75 Regular Price ₹595.00
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9788171787906
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‘राग दरबारी’ जैसी कालजयी कथाकृति के लेखक श्रीलाल शुक्ल का यह महत्त्वपूर्ण उपन्यास एक शिक्षित और प्रतिभाशाली ग्रामीण युवक के टूटते सपनों और फिर उसके द्वारा एक रचनात्मक भूमिका के स्वीकार की मार्मिक कथा है। रामदास नाम के इस युवक ने अपने पिता को कर्जदार होकर अपने ही एक ‘खानदानी’ ठाकुर के घर बंधुआ-जैसी जिंदगी जीते देखा है, उनकी मृत्यु के बाद हेडमास्साब के पास अनाथ की तरह रहते हुए ट्यूशन कर अपनी पढ़ाई पूरी की है–एक मेधावी छात्र के रूप में प्रथम श्रेणी में डिग्रियाँ हासिल की हैं। लेकिन उसके पास कोई सिफारिश नहीं, अवसर पाकर भी वह किसी बड़े आदमी का दामाद नहीं, इसलिए उसका कोई भविष्य नहीं। न वह लेक्चरर बन सकेगा, न संपादक। वह स्वयं को ऐसे समाज में पाता है जहाँ उसकी सोच, प्रतिभा और आदर्श के ‘व्यापारी’ प्रतिष्ठित हैं। फलस्वरूप युग के आकर्षण, अतीत की प्रताड़ना और वर्तमान की निराशा को झाड़कर वह उसी अँधेरी और सुनसान घाटी में उतरने का फैसला करता है, जहाँ उसकी सर्वाधिक आवश्यकता है। और इस समूची यात्रा में सत्या–एक पवित्र आस्था की तरह उसके साथ है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1987
Edition Year 2025, Ed. 8th
Pages 140p
Price ₹595.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 18.5 X 12.5 X 1.5
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Shrilal Shukla

Author: Shrilal Shukla

श्रीलाल शुक्ल

जन्म : 31 दिसम्बर, 1925 को लखनऊ जनपद (उ.प्र.) के अतरौली गाँव में।

शिक्षा : इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रकाशित कृतियाँ : उपन्यास—‘सूनी घाटी का सूरज’, ‘अज्ञातवास’, ‘राग दरबारी’, ‘आदमी का ज़हर’, ‘सीमाएँ टूटती हैं’, ‘मकान’, ‘पहला पड़ाव’, ‘बिस्रामपुर का सन्त’; कहानी-संग्रह—‘यह घर मेरा नहीं’, ‘सुरक्षा तथा अन्य कहानियाँ’, ‘इस उम्र में’; व्यंग्य-संग्रह—‘अंगद का पाँव’, ‘यहाँ से वहाँ’, ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएँ’, ‘उमरावनगर में कुछ दिन’, ‘कुछ ज़मीन पर कुछ हवा में’, ‘आओ बैठ लें कुछ देर’, ‘अगली शताब्दी का शहर’, ‘जहालत के पचास साल’; आलोचना—‘अज्ञेय : कुछ राग और कुछ रंग’; विनिबन्ध—‘भगवतीचरण वर्मा’, ‘अमृतलाल नागर’; बाल-साहित्य—‘बब्बर सिंह और उसके साथी’।

 अनुवाद : 'पहला पड़ाव’ अंग्रेज़ी में अनूदित और 'मकान’ बांग्ला में। 'राग दरबारी’ सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं सहित अंग्रेज़ी में।

प्रमुख सम्मान : ‘ज्ञानपीठ पुरस्‍कार’, ‘व्यास सम्मान’, ‘पद्मभूषण सम्मान’, ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का ‘गोयल साहित्य पुरस्कार’, ‘लोहिया अतिविशिष्ट सम्मान’, म.प्र. शासन का ‘शरद जोशी सम्मान’, ‘मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’।

निधन : 28 अक्टूबर, 2011

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