Ali Akbar Natik
1 Books
अली अकबर नातिक़
अली अकबर नातिक़ का जन्म पाकिस्तान के शहर ओकाड़ा में 1977 में हुआ। नातिक़ ने ग़रीबी और परेशानी के सबब पन्द्रह साल तक राजमिस्त्री के तौर पर भी काम किया। इसी दौरान उन्होंने आज़ादाना तौर पर अपनी तालीम का सिलसिला भी जारी रखा। अली अकबर नातिक़ की अब तक प्रकाशित किताबों में ‘बे-यक़ीन बस्तियों में’, ‘याक़ूत के वरक़’ और ‘सुर मंडल का राजा’ नज़्मों के मजमूए हैं और ‘क़ायम दीन’ और ‘शाह मुहम्मद का तांगा’ कहानियों की किताबें हैं। इसके साथ ही ‘नौ लखी कोठी’, ‘कमारी वाला’ और ‘कूफ़ा के मुसाफ़िर’ जैसे उपन्यास भी मंज़र-ए-आम पर आ चुके हैं। उनकी ग़ज़लों की किताब ‘सब्ज़ बस्तियों के ग़ज़ाल’ के नाम से उर्दू में प्रकाशित हुई है। इन सब किताबों के साथ उनकी आपबीती ‘आबाद हुए, बर्बाद हुए’ के नाम से पिछले वर्षों में सामने आई और उर्दू के महान लेखक मौलाना मुहम्मद हुसैन आज़ाद पर उनकी किताब ‘फ़क़ीर बस्ती में था’ अपने अनोखे नस्री अन्दाज़ की वजह से काफ़ी मशहूर हुई। इस तरह देखा जाए तो अली अकबर नातिक़ आज के दौर के ऐसे क़लमकार हैं, जिन्होंने नज़्म और नस्र की मुख़्तलिफ़ विधाओं में लगातार काम किया और आज भी कर रहे हैं।



