जयदेव तनेजा का जन्म 15 मार्च, 1943 को ओकाड़ा (अब पाकिस्तान में) में हुआ। उनकी मोहन राकेश सम्बन्धी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘लहरों के राजहंस : विविध आयाम’, ‘मोहन राकेश : रंग-शिल्प और प्रदर्शन’, ‘मोहन राकेश : अधूरे रिश्तों की पूरी दास्तान’, ‘मोहन राकेश रचनावली’ (13 खंड), ‘राकेश और परिवेश : पत्रों में’, ‘एकत्र’ (मोहन राकेश की अप्रकाशित-असंकलित रचनाएँ), ‘पुनश्च’ (राकेश और अश्क दम्पति का पत्राचार), ‘नाट् य-विमर्श : मोहन राकेश’, ‘मेरे साक्षात्कार’, ‘दस प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘पूर्वाभ्यास’ (मोहन राकेश के आरम्भिक एकांकी), ‘काँपता हुआ दरिया’ (मोहन राकेश का उपन्यास)।
वे ‘श्रेष्ठ साहित्यिक कृति पुरस्कार’ (हिन्दी अकादमी), ‘विश्व रंगमंच दिवस सम्मान’ (दिल्ली नाट् य संघ), ‘साहित्यकार सम्मान’ (हिन्दी अकादमी), ‘पं. सत्यदेव दुबे राष्ट्रीय सम्मान’ (रास कलामंच हरियाणा), ‘नाटक सम्मान’ (हिन्दी अकादमी), ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित हैं। ‘नट सम्राट’ (दिल्ली), ‘अंक’ (मुम्बई) ने उन्हें सम्मानित किया है। 2024 में ‘पंचानन पाठक जीवन गौरव सम्मान’ तथा ‘कारवाँ-ए-हबीब सम्मान’ से भी नवाजे गए हैं।