Kathakar Premchand

Literary Criticism
500%
() Reviews
As low as ₹550.00 Regular Price ₹550.00
In stock
Only %1 left
SKU
Kathakar Premchand
- +

भाई जाफ़र रज़ा प्रेमचन्द साहित्य के एक जाने-माने विद्वान् हैं। हिन्दी तथा उर्दू दोनों भाषाओं पर अपने समान अधिकार, शोध और गवेषणा में अपनी गहरी रुचि, और अपनी स्वच्छ समीक्षा-दृष्टि के आधार पर उन्होंने अपनी इस पुस्तक में प्रेमचन्द साहित्य के कई ऐसे पहलुओं को उजागर किया है, जिनसे हिन्दी संसार भी अभी यथेष्ट परिचित न था। उसी तरह उर्दू में प्रेमचन्द को हिन्दी से अपरिचित रहकर देखनेवालों ने बड़ी गुमराही पैदा की है और ऐसे अनेक पहलू आँख से ओझल हो गए हैं, जिनके बिना प्रेमचन्द साहित्य का ठीक-ठीक अध्ययन असम्भव हो जाता है। डॉक्टर जाफ़र रज़ा ने अपनी इस पुस्तक में बहुत-सी एतद्विषयक सूचनाएँ और आवश्यक तथ्य प्रस्तुत किए हैं, जो प्रेमचन्द-साहित्य के गम्भीर अध्ययन के लिए अपरिहार्य हैं।

भाई जाफ़र रज़ा ने प्रेमचन्द के उर्दू-हिन्दी उपन्यासों और कहानियों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करके प्रेमचन्द को ठीक से समझने के लिए नए रास्ते खोले हैं। उदाहरण के लिए प्रेमचन्द की रचना-प्रक्रिया को समझने के लिए उनकी रचनाओं के उर्दू और हिन्दी दोनों ही पाठों को देखना ज़रूरी है, क्योंकि उसके बिना लेखक के साथ न्याय नहीं किया जा सकता। भाई जाफ़र रज़ा ने शुद्ध पाठों को अपनी खोज, विभिन्न पाठों की समस्याओं और नई रचनाओं की अपनी खोज के आधार पर प्रेमचन्द के साहित्य और उसकी रचना प्रक्रिया को समझने की दिशा में बड़ा सुन्दर कार्य किया है। इतना निर्विवाद है कि उनकी यह पुस्तक प्रेमचन्द-सम्बन्धी आलोचना-साहित्य को उनकी एक विशिष्ट देन है।

—अमृत राय, इलाहाबाद गणतंत्र दिवस, 1983

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2014
Edition Year 2014, Ed. 1st
Pages 324p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
Write Your Own Review
You're reviewing:Kathakar Premchand
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Author: Zafar Raza

जाफ़र रज़ा

प्रख्यात विद्वान्, साहित्यकार एवं चिन्तक प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा का जन्म 1 दिसम्बर, 1939

को इलाहाबाद में गंगा पार के उतराँव में हुआ। ये स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक स्वर्गीय सैयद खैरात हसन के सुपुत्र हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उर्दू तथा हिन्दी में दो बार ‘डॉक्टर ऑफ़ फ़िलॉसफ़ी' की उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर ने प्रकाशित शोधग्रन्थों की मान्यतारूपेण ‘डॉक्टर ऑफ़ लेटर्स' की उपाधि प्रदान की।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गौरवपात्रिक प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा 35 वर्षों तक अध्यापन कर प्रेमचन्द पीठाचार्य एवं उर्दू विभागाध्यक्ष पद से सन् 2000 में सेवानिवृत्त हुए।

प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा का व्यक्तित्व बहुआयामी है। हिन्दी तथा उर्दू भाषाओं एवं साहित्य के अतिरिक्त संस्कृति, इतिहास, दर्शन, इस्लाम धर्म आदि विषयों पर लगभग तीन दर्जन प्रकाशित ग्रन्थ हैं। अनेक बार राष्ट्रीय तथा अन्‍तरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत एवं अलंकृत हुए।

इनकी कुछेक महत्त्वपूर्ण हिन्दी पुस्तकों में ‘भारतीय इस्लामी संस्कृति’, ‘इस्लाम का सैद्धान्तिक परिवेश’, ‘इस्लाम के धार्मिक आयाम : हुसैनी क्रान्ति के परिप्रेक्ष्य में’, ‘भारतीय साहित्य में मुसलमानों का अवदान’, ‘कथाकार प्रेमचन्द’, ‘प्रेमचन्द : कहानी का रहनुमा’, ‘उर्दू शायरी : आज़ादी के बाद’, ‘हिन्दी-उर्दू शब्दकोश’ आदि उल्लेखनीय हैं।

Read More
Books by this Author

Back to Top