Bhartiya Evam Pashchatya Kavyshastra Ki Rooprekha

Literary Criticism
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Bhartiya Evam Pashchatya Kavyshastra Ki Rooprekha
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प्रस्तुत कृति विश्वविद्यालयों के उच्च कक्षा के छात्रों को दृष्टि में रखकर लिखी गई है। प्रथम खंड में भारतीय काव्यशास्त्र की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें वे सारे विषय बोधगम्य शैली में प्रस्तुत किए गए हैं जो छात्रों के लिए उपयोगी हैं।

पाश्चात्य काव्यशास्त्र में प्लेटो-पूर्व युग से लेकर नई समीक्षा तक वे सभी विषय दे दिए गए हैं जो हिन्दी के छात्रों के लिए ज्ञातव्य हैं। इस क्रम में उस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को भी प्रस्तुत करने की चेष्टा की गई है जिससे आलोचना की विशिष्ट प्रवृत्ति या आलोचक-विशेष के व्यक्तित्व का विकास हुआ है।

 

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Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Edition Year 2019, Ed. 3rd
Pages 216p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Editorial Review

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Ramchandra Tiwari

Author: Ramchandra Tiwari

डॉ. रामचन्द्र तिवारी

जन्म : सन् 1924; बनारस ज़िले के एक कुलीन ब्राह्मण परिवार में।
शिक्षा : हाईस्कूल, हरिश्चन्द्र हाईस्कूल बनारस से; इंटर लखनऊ के कान्यकुब्ज कॉलेज से; बी.ए., एम.ए., पीएच.डी. लखनऊ विश्वविद्यालय से।
अध्यापन : सन् 1952 में गोरखपुर में महाराणा प्रताप कॉलेज में नियुक्त। 1958 ई. में गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में नियुक्त। अब सेवानिवृत्त।

कृतियाँ : ‘कविवर लेखराज’; ‘गंगाभरण तथा अन्य कृतियाँ’, ‘शिवनारायणी सम्प्रदाय और उसका साहित्य’ (शोध-प्रबन्ध, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत), ‘रीतिकालीन हिन्दी कविता और सेनापति’ (उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत), ‘हिन्दी का गद्य-साहित्य’ (उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत), ‘मध्ययुगीन काव्य-साधना’, ‘साहित्य का मूल्यांकन’ (जजमेंट इन लिटरेचर का अनुवाद), ‘नाथ-योग एक परिचय’ ('ऐन् इंट्रोडक्शन टू नाथ योग’, का अनुवाद) ‘आधुनिक कवि और काव्य’ (सम्पादित), ‘काव्यधारा’ (सम्पादित), ‘निबन्ध नीहारिका’  (सम्पादित), ‘तजीकरा-ए-शुअरा-ए हिन्दी’ (मौलवी करीमुद्दीन द्वारा लिखित हिन्दी और उर्दू के इतिहास का सम्पादित रूप) ‘आलोचक का दायित्व’, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल’, ‘आचार्य रामचन्द्र शुक्ल आलोचना कोश’।
निधन : 4 जनवरी, 2009

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