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Shrimadbhagwat Puran Ki Stutiyon Ka Anushilan

Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Shrimadbhagwat Puran Ki Stutiyon Ka Anushilan

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श्रीमद्भागवत पुराण के आराध्य भगवान् श्री कृष्ण हैं परन्तु प्रथम से नवें स्कन्ध तक अन्यान्य अवतारों की प्रसंगानुसार स्तुतियाँ की गयी हैं। दसम व एकादश में श्रीकृष्णपरक स्तुतियाँ ही हैं। ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव को यहाँ एक ही माना गया है। इन्ही की स्तुतियाँ प्रायः मिलती हैं।
अपने मानस का प्राकट्य, निश्छल भावों का समर्पण अपनी कार्पण्यता, दीनता-हीनता की भी अभिव्यक्ति इनमें मिलती है। यह कार्य स्तुतियों के माध्यम से भगवत् सन्निधि, समर्पित दैन्य का विभोर करने वाला भाव मिलता है। इन्हें पढ़ने वाला तादात्म्य करते हुए स्वयं को ही प्रार्थना मानकर प्रस्तुत होता है। इनका फल भी उन्ही में प्राप्त होता है। पुराण के प्रेमियों द्वारा इन स्तुतियों का नित्यपाठ भी किया जाता है।
इस ग्रंथ का स्तुतिविषयक अध्ययन इहलोक और परलोक दोनों का मार्गनिर्देश करता रहेगा। इन्हें आत्मसात् कर जीवन का चरम प्राप्त करने में सुविधा रहे यह मंगल भावनाओं के साथ अपेक्षा है कि यह ग्रंथ पाठकों को भी जीवन का चरम लक्ष्य प्राप्त कराएगा। आराध्य श्रीकृष्ण भगवान् इन स्तुतियों से प्रसन्न होकर अवश्य ही अनुशीलनकर्ताओं का अभिप्राय प्राप्त कराएंगे।
                                                                                                                                                                          - मिथिला प्रसाद त्रिपाठी

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 314p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 2
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Author: Dr.Madhuri Yadav

डॉ. माधुरी यादव

डॉ. माधुरी यादव का जन्म 15 अप्रैल 1981 को महू जिला-इंदौर, म.प्र. में हुआ।
एम.ए., संस्कृत, हिन्दी, पी-एच.डी. संस्कृत तथा यू.जी.सी. नेट परीक्षा हिन्दी एवं संस्कृत से करने के उपरांत विद्या भवंस पब्लिक स्कूल, मांगलिया, इंदौर, विद्यासागर पब्लिक स्कूल, बिचौली मर्दाना, इंदौर तथा शासकीय स्नातक महाविद्यालय, पिथमपुर, जिला-धार, मध्य प्रदेश में अध्यापन कार्य किया।
जनजाति अनुसंधान एवं विकास संस्था, जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल में अनुसंधान अधिकारी के पद पर कार्यरत।
विभिन्न पुस्तकों का लेखन, संपादन तथा जनजातीय बोलियों के शब्दकोशों पर कार्य किया। जनजातीय चित्र-शिल्प, प्रकृति-पूजा का पर्व इंदल, बैगानी शब्दकोश, भिलाली हिंदी शब्दकोश, बारेली शब्दकोश, मवासी हिंदी शब्दकोश, भीली हिंदी शब्दकोश, कोरकू हिंदी शब्दकोश, गोंड पेंटिंग, संग्रहालय प्रादर्श, मवासी जनजाति के पारंपरिक लोकगीत, पारंपरिक भीली गीत तथा जनजातीय बांस शिल्प इत्यादि पुस्तकें व रिपोर्ट प्रकाशित।
सम्पर्क : सी-12, रेडियो कॉलोनी, रेजीडेंसी एरिया, इंदौर-452001 म.प्र.
ई-मेल : [email protected]

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