मृत्यु के देवता माने गए यमराज के उपदेशों पर आधारित यमगीता है। कठोपनिषद्, विष्णु पुराण तथा अग्नि पुराण में उपलब्ध यमगीता किसी को भी अज्ञात के भय, भविष्य की चिन्ता और मृत्यु के आतंक से मुक्त करने वाला ग्रंथ है। गीताओं में प्राय: सृष्टि और परमात्मा के रहस्यों की बातें प्रमुख होती हैं, लेकिन यह ग्रंथ जीवन में निराशा से बचने और निरन्तर उन्नति करने के जटिल सिद्धान्त सरल भाषा में बताता है। दुखों-कष्टों एवं असफलताओं से बचने के लिए आध्यात्मिक सिद्धान्तों का भी वर्णन इस गीता में है। इस ग्रंथ में तीन यमगीताओं के सार के साथ ही इनके आधुनिक सन्दर्भ भी हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2025 |
| Edition Year | 2025, Ed. 1st |
| Pages | 96p |
| Publisher | Radhakrishna Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 1 |