वैष्णव तथा शैव विचारधाराओं के अपूर्व समन्वय की ज्योति है यह गीता। जिसमें सांसारिक उपलब्धियाँ दिलाने, संकट मिटाने एवं सामर्थ्य बढ़ाने के उपदेश हैं। यह गीता आत्मज्ञान, आध्यात्मिक प्रगति, जीवन संघर्ष में विजय, धर्म और कर्तव्य पालन में सफलता दिलाने की सीढ़ी है। शिवगीता की शिक्षाएँ जीवन में ध्यान और मानसिक शक्तियों के विकास का स्रोत बन सकती हैं। इस गीता से समस्याओं के समाधान तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने का भी मार्गदर्शन मिलता है। भगवान शिव ने कर्म, भक्ति और ज्ञान के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति के विभिन्न मार्गों की व्याख्या की है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2025 |
| Edition Year | 2025, Ed. 1st |
| Pages | 200p |
| Publisher | Radhakrishna Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 1 |