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Uttaradhunik Avadharnayen-Hard Cover

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9789386863010
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अक्सर कहा जाता है कि कल्पनाशील लेखन करनेवाले हिन्दी के रचनाकार वस्तुगत ढंग से गम्भीर लेखन नहीं कर पाते। यदि करते भी हैं तो विवाद वाले मुद्दों पर स्पष्ट स्टैंड नहीं लेते। इस धारणा को ख़ारिज करती है श्रीप्रकाश मिश्र की यह पुस्तक ‘उत्तरआधुनिक अवधारणाएँ’।

श्रीप्रकाश मिश्र हमारे समय के महत्त्वपूर्ण साहित्यकारों में से एक हैं। इस पुस्तक में उत्तर-आधुनिकता, उत्तर-साम्यवाद, उत्तर-प्राच्यवाद, उत्तर-उपनिवेशवाद, स्त्रीवाद, विचारधारा, निर्वचन, भूमंडलीकरण, राष्ट्रवाद, जनतंत्र, संस्कृति, न्याय, सामाजिक अभियंत्रण, लोकलुभावनवाद आदि पर अच्छी तरह से विवेचित लेख हैं, व्याख्यान हैं। वे एक स्पष्ट स्टैंड लेकर चलते हैं और लेखक की स्पष्टवादिता दर्ज करते हैं।

उम्मीद है, यह पुस्तक पाठकों के ज्ञान और चिन्तन को समृद्ध करेगी।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2018
Edition Year 2018, Ed. 1st
Pages 418p
Price ₹1,000.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 24.5 X 16.5 X 2.5
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Shriprakash Mishra

Author: Shriprakash Mishra

श्रीप्रकाश मिश्र

श्रीप्रकाश मिश्र के अबतक पाँच कविता संग्रह : ’मौन पर शब्द’ (1986), ‘शब्द के बारीक तारों से’ (2009), ‘शब्द संभावनाएँ हैं’ (2012), ‘मिअमाड़’ (2015), ‘कि जैसे होना खतरनाक संकेत’ (2017), पाँच उपन्यास : ‘जहाँ बांस फूलते हैं’ (1996), ‘रूपतिल्ली की कथा’ (2006), ‘जो भुला दिये गये’ (2013), ‘आपरेशन खुदाबख्श’ (2015), ‘नदी की टूट रही देह की आवाज’ (2020), चार आलोचना की पुस्तकें ‘यह जो आ रहा है हरा’ (1992), ‘यूरोप के आधुनिक कवि’ (2011), ‘युग की नब्ज’ (2012), ‘रचना का सच’ (2013) के अलावा चिन्तन की पाँच पुस्तकें ‘सोच की दृग छाया’ (2017), ‘उत्तर आधुनिक अवधारणाएं’ (2018) ‘बहस के मुद्दे’ (2019), ‘अहिंसा का उत्तर आधुनिक परिप्रेक्ष्य’ (2021), ‘न्याय: अहिंसक समाज का आधार’ (2022) प्रकाशित हैं। ग्राम जड़हा जिला कुशीनगर (उ.प्र.) के निवासी श्रीप्रकाश मिश्र एम.ए. (राजनीति शास्त्र) और एल-एल.एम हैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से। विद्यार्थी जीवन में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। बांग्ला देश की आजादी की लड़ाई में मुक्तिवाहिनी के साथ रहे। केन्द्र सरकार की सेवा में रहते हुए उत्तर-पूर्व, कश्मीर, भूटान, बांग्ला देश आदि में रहे। अब प्रयागराज में रहते हैं और कविता की अनियतकालीन पत्रिका 'उन्नयन' का संपादन/ प्रकाशन करते हैं। रामविलास शर्मा सम्मान के संस्थापक व पुरस्कर्ता हैं।

संपर्क : 406 त्रिवेणी रोड, कीडगंज, प्रयागराज (उ.प्र), पिन : 211003

ई-मेल: [email protected]

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