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Gadfly

Author: E.L. Voynich
Translator: Ram Sanehi
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Gadfly

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‘गैडफ्लाई’ क्रान्तिकारी विचारों के वाहक के रूप में अत्यन्त लोकप्रिय रहा है। इसका मुख्य पात्र आर्थर बर्टन है जिसके जीवन में आस्था, आदर्श, साहस, प्रेम, क्रान्ति और त्रासदी का अपूर्व मेल दिखाई देता है। उन्नीसवीं सदी के मध्य के उथल-पुथल भरे इटली में वह ऐसा युवक है, जो क्रान्तिकारी विचारों से परिचित होने पर पादरी बनने की पढ़ाई और धर्म से किनारा कर लेता है; और पत्रकार बनकर स्वयं क्रान्तिकारी विचारों का प्रचार करने लगता है। वह अपने पिता के दोहरेपन को भी स्वीकार नहीं करता। रोमांच और दार्शनिकता से भरपूर यह कहानी अन्तत: एक रक्तरंजित परिणति को प्राप्त करती है जहाँ आर्थर बर्टन को उसके विचारों के कारण जान गँवानी पड़ती है। उसकी प्रेम-कथा इस परिणति की त्रासदी को और गहरा बनाती है। लेकिन उसके विचार और संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरक बन जाते हैं। वास्तव में, मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को ख़त्म करने वाले सामाजिक मानदंडों का जिस स्पष्टता से इस उपन्यास में विरोध किया गया है उसने इसको सार्वकालिक महत्त्व का बना दिया है।

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Ram Sanehi
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 264p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 2
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E.L. Voynich

Author: E.L. Voynich

ई.एल. वायनिच

एथेल लिलियन वायनिच का जन्म 11 मई, 1864 को काउंटी कॉर्क, आयरलैंड में हुआ था। उनका आरम्भिक जीवन पारिवारिक-आर्थिक कठिनाइयों में गुजरा। युवावस्था में वे बर्लिन, इटली गईं जहाँ उन्होंने संगीत की शिक्षा हासिल की। वहीं राजनीतिक साहित्य और सामाजिक न्याय में उनकी दिलचस्पी पैदा हुई। दो साल बाद वे लन्दन लौट आईं। फिर रूस जाने का फैसला किया। वहाँ उनकी मुलाकात रूसी क्रान्तिकारी सर्गेई स्टेपनियाक से हुई। ज़ारकालीन रूस में गरीब किसानों और राजनीतिक कैदियों की दुर्दशा ने उन्हें गहरे प्रभावित किया। लन्दन लौटकर उन्होंने स्टेपनियाक के साथ ‘सोसायटी ऑफ़ फ़्रेंड्स ऑफ़ रशियन फ़्रीडम’ का गठन किया और मासिक ‘फ़्री रशिया’ निकालना शुरू किया। 1890 में उन्होंने पोलिश क्रान्तिकारी, पुरातत्ववेत्ता और पुस्तकप्रेमी विल्फ़्रेड माइकल वायनिच से विवाह किया। 1895 में वे रूस से निर्वासित जॉर्जी रोज़ेनब्लम से मिलीं जिनके अनुभव ‘द गैडफ़्लाई’ (1897) के लिए प्रेरणा बने। 1920 में वायनिच न्यूयॉर्क चली गईं, जहाँ विल्फ़्रेड 1914 में ही चले गए थे। वहीं 1933 से 1944 तक, उन्होंने मैनहट्टनविले कॉलेज ऑफ़ द सेक्रेड हार्ट में संगीत-शिक्षक के रूप में काम किया। वायनिच के पाँच उपन्यास लिखे—‘द गैडफ़्लाई’, ‘जैक रेमंड’, ‘ओलिव लैथम’, ‘एन इंटरप्टेड  फ़्रेंडशिप’ और ‘पुट ऑफ़ दाइ शूज़’। इसमें से सर्वाधिक प्रसिद्धि और लोकप्रियता ‘द गैडफ़्लाई’ को मिली।

27 जुलाई, 1960 को न्यूयॉर्क सिटी में उनका निधन हो गया।

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