Facebook Pixel

Patthar Ki Zaban

Author: Fahmida Riaz
Translator: Gobind Prasad
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
As low as ₹149.25 Regular Price ₹199.00
25% Off
In stock
SKU
Patthar Ki Zaban

- +
Share:
Codicon

जिन पर मेरा दिल धड़का था

वो सब बातें दोहराते हो

वो जाने कैसी लड़की है

तुम अब जिसके घर जाते हो मुझसे कहते थे : बिन काजल अच्छी लगती हैं मिरी आँखें

तुम अब जिसके घर जाते हो

कैसी होंगी उसकी आँखें

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Gobind Prasad
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 72p
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 0.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Patthar Ki Zaban
Your Rating
Fahmida Riaz

Author: Fahmida Riaz

फ़हमीदा रियाज़

फ़हमीदा रियाज़ का जन्म 1946 में उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ में हुआ। फ़हमीदा रियाज़ ने अपनी शायरी में बेबाक लहजा अपनाया और बहुत से ऐसे विषयों को बड़ी सहजता के साथ अपनी शायरी में छुआ, जिसे उनसे पहले नज़रअन्दाज़ किया जाता रहा था। फ़हमीदा रियाज़ ने शायरी के साथ कहानियाँ भी लिखीं और आलमी अदब के बहुत से लेखकों की किताबों का उर्दू में तर्जुमा भी किया, जिनमें नजीब महफ़ूज़ और मार्गरेट एटवुड के नाम ख़ास तौर पर लिए जा सकते हैं। वह ज़िया-उल-हक़ के दौर-ए-हुकूमत में भारत आ गई थीं और यहाँ कई वर्ष रह कर ज़िया-उल-हक़ के इन्तिक़ाल के बाद वापस पाकिस्तान लौटीं।

फ़हमीदा रियाज़ की क़ाबिल-ए-ज़िक्र किताबों में ‘पत्थर की ज़बान’, ‘आदमी की ज़िन्दगी’ (शायरी), ‘ख़त-ए-मरमूज़’ (कहानियाँ) और ‘सब लाल-ओ-गुहर’ (कुल्लियात-ए-शायरी) शामिल हैं। उर्दू नज़्म में फ़हमीदा रियाज़ का नाम अपनी अनोखी शायराना ज़बान और

बे-साख़्तगी के लिए ख़ास तौर पर मशहूर हुआ है।

उन्हें अदबी ख़िदमात के लिए पकिस्तान में प्राइड ऑफ़ परफ़ॉरमेंस जैसे बड़े सम्मान से नवाज़ा गया।

21 नवम्बर, 2018 को 72 वर्ष की उम्र में उनका इन्तिक़ाल हुआ। 

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top