Phanish Singh
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फणीश सिंह
फणीश सिंह का जन्म 15 अगस्त, 1941 को नरेन्द्रपुर, सिवान (बिहार) में हुआ था। उन्होंने हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग से ‘विशारद’ की परीक्षा उत्तीर्ण की, फिर एम.ए. और बी.एल. किया। इसके बाद पटना उच्च न्यायालय में अगस्त, 1967 में वकालत आरम्भ की। छात्र जीवन से ही हिन्दी साहित्य से विशेष अनुराग रहा। उन्होंने गोर्की और प्रेमचन्द के कृतित्व और जीवन-दृष्टिकोणों की सादृश्यता पर पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की।
विश्व-शान्ति परिषद, अखिल भारतीय शान्ति एवं एकजुटता संगठन और भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद जैसे कई प्रतिष्ठित संगठनों से सम्बद्ध रहे। इस सिलसिले में सोवियत संघ, डेनमार्क, स्वीडन, इस्टोनिया, पोलैंड, जर्मनी, चेकोस्लोवाकिया, फ़्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया, इंग्लैंड, अमरीका, चीन, टर्की, ग्रीस, स्पेन, हंगरी, हॉलैंड, बेल्जियम, स्कॉटलैंड, म्यांमार, थाइलैंड, लाओस, वियतनाम, कम्बोडिया, इंडोनेशिया (बाली), मलेशिया, सिंगापुर, मालद्वीप एवं श्रीलंका सहित विभिन्न देशों की अनेक बार यात्राएँ कीं। हिन्दी साहित्य के विभिन्न विषयों और स्वाधीनता आन्दोलन पर दर्जनों पुस्तकें लिखीं। ‘कौमी एकता सन्देश’ के सम्पादक रहे। 23 सितम्बर, 2020 को उनका निधन हो गया।



