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Sara Aakash Patkatha

Author: Basu Chatterjee ,
Edition: 2022 Ed. 3rd
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Sara Aakash Patkatha

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1960 के आरम्भिक दिनों में मैंने दो मुख्य फ़िल्में (फ़ीचर फ़िल्म) बनाने में मदद की थी और अपने को एक मुख्य फ़िल्म निर्देशन के योग्य मान रहा था। मैं इधर-उधर एक कहानी तलाश रहा था। मेरे मित्र और सहयोगी अरुण कौल ने राजेन्द्र यादव की कहानी ‘सारा आकाश’ का सुझाव दिया। उसकी एक प्रति उनके पास थी, उन्होंने मुझे दे दी। एक शाम मैं उसे एक ही साँस में पढ़ गया और मैं अभिभूत ही था।

‘सारा आकाश’ एक जटिल कथा के रूप में लिखा गया था। लेखक ने सपाट रास्ता नहीं चुना था, इसीलिए इसने मुझे ज़्यादा आकर्षित किया था। दृश्यों को मैंने यथासम्भव वर्णन के निकट रखा है। चूँकि लेखक ने कहानी फ़िल्म के लिए नहीं लिखी थी, अत: उसमें बहुत-सी बातों का विवरण दिया गया है जिनको दृश्यों में रूपान्तरित करना एक चुनौती थी।...ऐसे ही कई स्थान हैं जहाँ नायक अतीत और भविष्य के बारे में बहुत कुछ सोच रहा है। छठे दशक के मध्य में मैंने अनेक यूरोपीय और रूसी फ़िल्में देखी थीं। मुझे ऐसे दृश्य लिखने में इनसे सहायता मिली।

पटकथा लिखने के बाद मुझे इसे विक्रम सिंह को दिखाने का अवसर मिला। वे अपने समय में ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म आलोचक थे। उन्होंने मेरे प्रयास की सराहना की और मुझे फ़िल्म बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। और ‘सारा आकाश’ बन गई। 1970 में ‘फ़िल्मफ़ेयर’ के समारोह में इसे वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पटकथा घोषित किया गया। निर्देशन के लिए इसकी सिफ़ारिश  राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी की गई। इसके कैमरामैन को सर्वश्रेष्ठ छायाचित्रण के लिए पुरस्कार भी मिला।

—बासु चटर्जी

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2007
Edition Year 2022 Ed. 3rd
Pages 167p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 1.5
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Basu Chatterjee

Author: Basu Chatterjee

बासु चटर्जी

अजमेर (राजस्थान) में 10 जनवरी, 1930 को जन्मे बासु चटर्जी को मध्यवर्गीय जीवन पर आधारित उनकी यादगार फ़िल्मों के लिए जाना जाता है। उनकी सर्वोत्कृष्ट फ़िल्मों में 'रजनीगंधा' (1974) के अलावा 'सारा आकाश', ‘स्‍वामी’, 'दिल्लगी', 'चितचोर', 'छोटी सी बात', 'खट्टा-मीठा', 'एक रुका हुआ फ़ैसला', ‘बातों-बातों में’, ‘कमला की मौत’, ‘चमेली की शादी’ और टी.वी. धारावाहिकों में 'कक्काजी कहिन' और 'ब्योमकेश बख्शी' आदि शामिल हैं।

उन्‍हें ‘स्‍वामी’ (फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार); ‘सारा आकाश’, ‘छोटी-सी बात’, ‘कमला की मौत’ (फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार); ‘रजनीगंधा’, ‘जीना यहाँ’ (सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स पुरस्कार); ‘दुर्गा’ (परिवार कल्याण पर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार) आदि फ़िल्‍मों के लिए सम्‍मानित किया गया। वे 2007 में ‘आइफ़ा लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्‍मानित किए गए।

निधन : 4 जून, 2020

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