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Sampoorna Kavitayein : Vinay Dube

Author: Vinay Dube
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Sampoorna Kavitayein : Vinay Dube

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विनय दुबे के शिल्प की विशेषता है संक्षिप्तता, जिसके चलते उनकी पंक्तियाँ ज़्यादा बेधक और स्मरणीय हो जाती हैं। घर-परिवार, गली-मुहल्ले, धूप-हवा के सूक्ष्म अवलोकनों से वे इसी संयम के साथ सभ्यता के व्यापक विमर्श को खोलते हैं। राजनीतिक और सामाजिक हलक़ों में सत्ता तथा शक्ति के केन्द्र बड़ों का विरोध वे स्वभावतः और अनायास ही करते हैं, दूसरी तरफ़ सामाजिक जीवन के वे चित्र जो हमें बहुत आम लग सकते है उनके शिल्प का हिस्सा होकर मानव-नियति के बड़े प्रश्नों तक पहुँचने का रास्ता बन जाते हैं। जैसा कि अपनी प्रस्तावना में राजेश जोशी लिखते हैं, अकविता के वातावरण में रहने के बावजूद उनके यहाँ न वैसी अव्यवस्था मिलती है, न भाषा की स्फीति। वे संक्षिप्त और साधारण को उतनी ही जगह में विराट और विशिष्ट कर देते हैं, जितनी जगह उन्हें संगत लगती है। उनकी कविता ने अपने लिए एक अलग रूप चुना जिसमें गम्भीर सरोकार, खिलंदड़ापन, व्यंग्य और हस्तक्षेप अपनी-अपनी भूमिका में सजग खड़े दिखते हैं।

इस पुस्तक में उनके सभी प्रकाशित संग्रहों की कविताएँ ले ली गयी हैं. इसके अलावा वे कविताएँ भी जो अभी तक असंकलित थीं, आपको यहाँ मिलेंगी।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 560p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 3
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Author: Vinay Dube

विनय दुबे

मध्य प्रदेश के एक गाँव—जमानी, ज़िला—होशंगाबाद में सन् 1924 में जन्म हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा इटारसी में हुई और वहीं लगभग छह वर्षों तक शिक्षक के रूप में कार्य किया। फिर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से ऊँची शिक्षा ली और पीएच.डी. की उपाधि भी प्राप्त की। सन् 1970 से भोपाल के एक महाविद्यालय में प्राध्यापन कार्य करते हुए 2003 में सेवानिवृत्त हुए।

मुख्यतः कवि। काव्य-नाटक भी लिखे। कई सम्मान और फ़ेलोशिप मिले। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की रचनात्मक लेखन के लिए ‘मुक्तिबोध फ़ेलोशिप’। ‘नागार्जुन सम्मान’। कविता के लिए ‘माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार’। साहित्य अकादेमी दिल्ली की सीनियर फ़ेलोशिप। मध्य प्रदेश सरकार का ‘शिखर सम्मान’।

प्रमुख कृतियाँ : ‘महामहिम चुप हैं’, ‘सपनों में आता है राक्षस’, ‘खलल’, ‘वैसे मैं कहूँ जैसे कहे नीम’, ֹ‘तत्रकुशलम’। (ये सभी कविता-संग्रह)। ‘फ़िलहाल यह आस-पास’ चुनी हुई कविताओं का संकलन। ‘दो एकम दो’ (नारायणपुर तथा अब ‘विलम्बु केहि काज’, काव्य नाटक), ‘तनाव’ पत्रिका की अनुवाद शृंखला में क्यूबा के कवि इबार्तो पदिल्लया की कविताओं के अंग्रेज़ी से अनुवाद और ‘भौं-भौं म्याऊँ’, ‘छुटकी गिलहरी’, ‘खानू गाँव’ की कहानियाँ हैं।

निधन : 4 सितम्बर, 2007

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