शाज़ी ज़माँ दिल्ली में पैदा हुए; सेंट स्टीफ़ेंस कॉलेज, दिल्ली, से इतिहास में स्नातक हुए। लगभग साढ़े तीन दशक से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार हैं। इस अर्से में वो दूरदर्शन, ज़ी न्यूज़, बीबीसी लन्दन, आज तक और स्टार न्यूज़ से जुड़े, एबीपी न्यूज़ नेटवर्क के समूह सम्पादक रहे और पीटीआई के डायरेक्टर, वीडियो सर्विसेज़। राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के सम्पादकों की शीर्ष संस्था ब्रॉडकास्ट एडिटर्ज़ एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे हैं। दो प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों—फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया, पुणे और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्यूनिकेशन की कार्यकारी परिषद के सदस्य रह चुके हैं। ‘अकबर’ उपन्यास इनकी सर्वाधिक चर्चित कृति है जो हिन्दी-अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। ‘प्रेमगली’ नाम से एक विलक्षण औपन्यासिक शृंखला के तीन मोड़ (पहला, उल्टा, अंधा) क्रमश: ‘प्रेम गली अति साँकरी’, ‘जिस्म जिस्म के लोग’ और ‘झिलमिल’ नाम से प्रकाशित हैं। अंग्रेज़ी में दो और किताबें हैं—‘अकबर द ग्रेट सीईओ’ और ‘ऐलिगेटर एंड द स्टेप्लर एंड अदर मैजिकल टेल्ज़’।
साहित्यिक लेखन के लिए उन्हें हिन्दी अकादमी, दिल्ली का गद्य विधा सम्मान मिला। अपनी ज़िन्दगी के कुछ साल लन्दन और मुम्बई में गुज़ारने के बाद वे फिर दिल्ली में बस गए। इस समय पीटीआई वीडियो सेवा के सम्पादक हैं।