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Khwahishon Ki Dhar Se

Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Khwahishon Ki Dhar Se

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‘ख्वाहिशों की धार से’ की कहानियाँ उनकी हैं जो समाज में यों दीखते हैं जैसे उनकी कोई कहानी न हो। बूढ़ा होने के अफ़सोस से भरा एक व्यक्ति जब याद करता हो कि उसका बेटा अमेरिका में है, एक स्त्री जिसकी पिंडलियों पर अनुभूत स्पर्श ओक्टावियो पाज की याद दिलाता है, एक संघर्षशील स्त्री अपने सौन्दर्य के सम्मोहन से जाग उठती है, तथा कई ऐसे विषय जो अमूमन अदीठ रह जाते हैं, संजय उन्हें अपनी कहानियों का विषय बनाते हैं।

संजय मनहरण किस्सागोई में निपुण हैं। बारीकियों को कथ्य और फिर कला में ढालने का उनका अन्दाज़ निराला है। उनकी कहानियाँ समाज के हर वर्ग को अपना विषय बनाती हैं इसलिए वे हर वर्ग की उन खूबियों से आपका परिचय कराते चलते हैं जो अमूमन अछूते हैं। मसलन गार्ड बाबू का सारा आभिजात्य तब तक ही है जब तक नौकरानी उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछ लेती है। उस वक्त जब वे गाली देते हैं तब पाठकों को उनके आभिजात्य की हकीकत पता चलती है। कविमना एक पात्र तब अपने ढोंग से बाहर निकलता है जब उसे एहसास होता है कि कहीं नायिका उसे जिगोलो तो नहीं समझ रही। ऐसी अनेक स्थितियों का चित्रण संजय जिस भाषा में और जिस दक्षता से करते हैं, उससे उनके बेहतरीन कथाकार रूप का पता पड़ता है।

—चन्दन पाण्डेय

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 152p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 19.5 X 13 X 1
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Sanjay Manharan Singh

Author: Sanjay Manharan Singh

संजय मनहरण संह

संजय मनहरण सिंह का जन्म 28 दिसम्बर, 1970 को मानपुर, शहडोल, मध्यप्रदेश में हुआ। उन्होंने ‘इतिहास’ और ‘ग्राम विकास’ में परास्नातक और स्पेनिश-हिन्दी अनुवाद में एडवांस डिप्लोमा किया है। नौकरी के सिलसिले में दिल्ली, मुम्बई, बंगलुरु और वर्धा आदि शहरों में रहे। फिलहाल महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर रायगढ़, छत्तीसगढ़ में निवास और स्वतंत्र लेखन।       

उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘ख्वाब सा कुछ’ (उपन्यास), ‘देह की लोरियाँ’ (कविता-संग्रह)। ‘हंस’, ‘तद्भव’, ‘कथादेश’, ‘पक्षधर’, ‘विपाशा’, ‘परिकथा’, ‘कथाक्रम’, ‘साक्षात्कार’, ‘माध्यम’, ‘वागर्थ’ और ‘मधुमती’ आदि पत्रिकाओं में कहानियाँ एवं कविताएँ प्रकाशित।

ई-मेल : [email protected]

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