Ishwar Ki Kahaniyan

Satire
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Ishwar Ki Kahaniyan
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नई शैली में नई बात कहने के लिए ईश्वर की कहानियाँ साहित्य की दुनिया में चर्चित हैं। लेकिन इससे भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ये कहानियाँ जहाँ भी छपी हैं, इन्हें पाठकों ने पसन्द किया है। इन पाठकों में बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी शामिल हैं। अपने ही ढंग की इन छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से हर पाठक अपने आसपास बिखरे यथार्थ के व्यंग्य को समझ सकता है। ये पाठक की कल्पनाशीलता को भी उर्वर करती हैं और वह अपने भीतर छिपी ऐसी तमाम कहानियों को ख़ुद गढ़ना शुरू कर देता है।

पाठक की कल्पना को इस तरह जाग्रत् करनेवाली रचनाएँ दुर्भाग्य से हमारे साहित्य में अधिक नहीं हैं। ईश्वर तो दरअसल यथार्थ को खोलने-उधेड़ने-जाँचने का बहाना है। लेकिन इस बहाने के बग़ैर यथार्थ के अनेक पक्ष प्रभावशाली ढंग से उद्घाटित भी नहीं हो पाते। पहली बार इस पुस्तक में अभी तक प्रकाशित ईश्वर की सभी कहानियाँ एक साथ संकलित हैं।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2011
Edition Year 2011, Ed. 1st
Pages 160p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Editorial Review

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Vishnu Nagar

Author: Vishnu Nagar

विष्णु नागर
जन्म : 14 जून, 1950
शिक्षा : बचपन और छात्र-जीवन शाजापुर (मध्य प्रदेश) में बीता। 1971 से दिल्ली में स्वतंत्र पत्रकारिता शुरू की। 'नवभारत टाइम्स’ में पहले मुम्बई और बाद में दिल्ली में विशेष संवाददाता सहित विभिन्न पदों पर 1974 से 1997 के आरम्भ तक रहे। इस बीच 1982 से 1984 तक जर्मन रेडियो 'डोयचे वैले’ में सम्पादक रहे। 1997 से 2002 तक 'हिन्दुस्तान’ (दैनिक) के विशेष संवाददाता। 2003 से 2008 तक हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप की पत्रिका 'कादम्बिनी’ के कार्यकारी सम्पादक रहे। कुछ समय तक दैनिक 'नई दुनिया’ से सम्बद्ध रहे।
प्रकाशित कृतियाँ : कविता-संग्रह–'मैं फिर कहता हूँ चिड़िया’, 'तालाब में डूबी छह लड़कियाँ’, 'संसार बदल जाएगा’, 'बच्चे, पिता और माँ’, 'कुछ चीज़ें कभी खोई नहीं’, 'हँसने की तरह रोना’; कहानी-संग्रह–'आज का दिन’, 'आदमी की मुश्किल’, 'कुछ दूर’, 'ईश्वर की कहानियाँ’, 'आख्यान’, 'रात-दिन’ तथा 'बच्चा और गेंद’; उपन्यास–'आदमी स्वर्ग में’; निबन्ध–'हमें देखती आँखें’, 'आज और अभी’, 'यथार्थ की माया’, 'आदमी और उसका समाज’ तथा 'अपने समय के सवाल’; व्यंग्य-संग्रह–'जीव-जन्तु पुराण’, 'घोड़ा और घास’, 'राष्ट्रीय नाक’, 'नई जनता आ चुकी है’ तथा 'देश-सेवा का धंधा’, 'भारत एक बाज़ार है’।
'सहमत’ के लिए धर्मनिरपेक्ष रचनाओं के तीन संकलनों तथा 'रघुवीर सहाय’ पुस्तक का सम्पादन असद ज़ैदी के साथ। सुदीप बैनर्जी की प्रतिनिधि कविताओं के संकलन का सम्पादन लीलाधर मंडलोई के साथ। 'बोलता लिहाफ’ (श्रेष्ठ कथाकारों की कहानियों का संकलन) का सम्पादन मृणाल पाण्डे के साथ। इसके अलावा नवसाक्षरों के लिए कई पुस्तकें लिखीं तथा सम्पादित कीं।
सम्मान : 'कथा’ संस्था का 'अखिल भारतीय कथा पुरस्कार’, हिन्दी अकादमी, दिल्ली का 'साहित्य सम्मान’, कविता के लिए 'शमशेर सम्मान’,
‘डॉ. शिवकुमार मिश्र स्‍मृति सम्‍मान’, मध्य प्रदेश सरकार का 'शिखर सम्मान’ तथा व्यंग्य के लिए 'व्यंग्यश्री सम्मान’, ‘जनकवि मुकुट बिहारी सरोज सम्‍मान’ आदि।

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