अगर आप कहानी के पाठक हैं तो आप जरूर हिन्दी की मौलिक कहानियों के पहले दशक के बारे में जानना चाहेंगे। साथ ही उन कहानियों के बारे में भी जो हिन्दी की शुरुआती दौर की प्रथम महत्त्वपूर्ण कहानियों के रूप में जानी गईं। जिन कहानियों से हिन्दी में मौलिक कथा-लेखन को गति मिली और जो आज भी काल के कपाल पर अपनी चमक बिखेर रही हैं, उन सभी कहानियों का संग्रहयोग्य संकलन ।
ऐतिहासिक संवेदना और तत्कालीन सामाजिक यथार्थ की ऐसी जीवन्त कहानियाँ जो बार-बार पढ़ी जाकर भी ताजा लगती हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2006 |
| Edition Year | 2026, Ed. 2nd |
| Pages | 172p |
| Publisher | Radhakrishna Prakashan - Remadhav |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 1.5 |