Facebook Pixel

Ekta Aur Shakti-Hard Cover

ISBN: 9788183618342
Edition: 2025, Ed. 3rd
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
Special Price ₹675.75 Regular Price ₹795.00
15% Off
In stock
SKU
9788183618342
- +
Share:
Codicon

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एवं स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का भारत में त्वरित विलय कराने, स्वाधीन देश में उपयुक्त प्रशासनिक व्यवस्था बनाने और कई कठिनाइयों से जूझते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर कराने में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान अप्रतिम रहा है। वे लाखों लोगों के लिए अक्षय प्रेरणा-स्रोत हैं। 

‘एकता और शक्ति’ सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान पर आधारित एक ऐसा उपन्यास है जिसमें एक सामान्य कृषक परिवार की कथा के माध्यम से सरदार श्री के प्रभावशाली कुशल नेतृत्व एवं तत्कालीन घटनाओं का वर्णन किया गया है। साथ ही, एक सम्पन्न एवं सशक्त भारत के निर्माण हेतु उनके प्रेरक दिशा-निर्देशों पर भी प्रकाश डाला गया है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2017
Edition Year 2025, Ed. 3rd
Pages 288p
Price ₹795.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
Write Your Own Review
You're reviewing:Ekta Aur Shakti-Hard Cover
Your Rating
Amrendra Narayan

Author: Amrendra Narayan

अमरेन्द्र नारायण

अमरेन्द्र नारायण एशिया एवं प्रशान्त क्षेत्र के अन्तरराष्ट्रीय दूर संचार संगठन एशिया पैसिफ़‍िक टेली कॉम्युनिटी के भूतपूर्व महासचिव एवं भारतीय दूर संचार सेवा के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनकी सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने ‘स्वर्ण पदक’ से और संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष एजेंसी अन्तरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन ने टेली कॉम्युनिटी को ‘स्वर्ण पदक’ से तथा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ‘रजत पदक’ से सम्मानित किया।

श्री नारायण के अंग्रेज़ी उपन्यास—‘फ़्रैगरेंस बियॉन्ड बॉर्डर्स’ का उर्दू अनुवाद ‘ख़ुशबू सरहदों के पास’ नाम से प्रकाशित हो चुका है। भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति महामहिम अब्दुल कलाम साहब, भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने इस पुस्तक की सराहना की है। महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह और फ़‍िजी के प्रवासी भारतीयों की स्थिति पर आधारित उनका ‘संघर्ष’ नामक उपन्यास काफ़ी लोकप्रिय हुआ है। उनकी पाँच काव्य-पुस्तकें—‘सिर्फ़ एक लालटेन जलती है’, ‘अनुभूति’, ‘थोड़ी बारिश दो’, ‘तुम्हारा भी, मेरा भी’ और ‘श्री हनुमत श्रद्धा सुमन’ पाठकों द्वारा प्रशंसित हो चुकी हैं।

श्री नारायण को अनेक साहित्यिक संस्थाओं ने सम्मानित किया है।

ई-मेल : [email protected]

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top