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China Aur Japan Ka Itihas

Author: Prashant Gaurav
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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China Aur Japan Ka Itihas

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चीन और जापान की गिनती आज एशिया ही नहीं, विश्व-स्तर के शक्त‌िशाली देशों में होती है। आधुनिक समय में अपनी तकनीकी और आर्थिक क्षमता के चलते इन दोनों ही देशों ने दुनिया-भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

चीन को जहाँ विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक माना जाता है, वहीं जापान का इतिहास भी समय में बहुत पीछे तक जाता है, हालाँकि यूरोपवासियों को उसकी जानकारी तेरहवीं सदी में मिली। दोनों ही देशों ने अनेक राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक पड़ावों को पार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी है जिसकी उपलब्धि आज सामने है।

‘चीन और जापान का इतिहास’ पुस्तक में, चीन और जापान के लम्बे इतिहास और उसके उतार-चढ़ाव को अत्यन्त सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है जिससे इतिहास के अध्येताओं के साथ-साथ सामान्य पाठक भी अपना ज्ञान-वर्धन कर सकते हैं।

विषय की ग्राह्यता को बढ़ाने के लिए यह पुस्तक उन घटनाओं का परिचय देते हुए आगे बढ़ती है जो इन देशों के राजनीतिक-आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में निर्णायक रही हैं। चीन का अफ़ीम युद्ध, ताइपिंग विद्रोह, 1911 की चीनी क्रान्ति और साम्यवादी आन्दोलन जिस तरह चीन की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डालते हैं, उसी तरह मेईजी पुनर्स्थापन, चीन-जापान युद्ध, रूस-जापान युद्ध के साथ जापानी साम्राज्यवाद का उत्थान एवं पतन आदि अध्याय जापान के इतिहास को बोधगम्य ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

इतिहास के छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 296p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 2
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Prashant Gaurav

Author: Prashant Gaurav

प्रशान्त गौरव

प्रशान्त गौरव का जन्म 1 दिसम्बर, 1973 को हुआ। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), एम.बी.ए. (टूरिज्म) और पी-एच.डी. (ब्रह्मवैवर्तपुराण) की उपाधि प्राप्त की।

उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘ब्रह्मवैवर्तपुराण में समाज एवं धर्म’, ‘बिहार का राजनीतिक इतिहास’, ‘प्राचीन भारत में समाज एवं अर्थव्यवस्था’, ‘भारत का सरल इतिहास’, ‘भारतीय इतिहास कोश’ आदि।

अब तक राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार एवं कॉन्फ्रेंस में कई शोध-पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके  शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर के रेफर्ड जर्नल, सम्पादित ग्रन्थ एवं कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग में प्रकाशित हुए। कई शोध-ग्रन्थों के सह-सम्पादक भी हैं। अनगिनत सेमिनार, वर्कशॉप एवं कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता एवं चेयरपर्सन के रूप में सम्मिलित रहे हैं। इतिहास से सम्बन्धित संस्थाओं—भारतीय इतिहास संकलन समिति, नई दिल्ली; इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस; बिहार इतिहास परिषद्; इंडियन सोसाइटी फ़ॉर बुद्धिस्ट स्टडी, जम्मू एवं भारतीय पुराण अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली—के आजीवन सदस्य हैं।

उन्हें इंडियन सोसाइटी फ़ॉर बुद्धिस्ट स्टडी, जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू द्वारा ‘महाकवि स्वयंभू पुरस्कार’ एवं सेंट्रल इंडियन हिस्टोरिकल रिसर्च फ़ाउंडेशन, ग्वालियर के द्वारा ‘प्रोफ़ेसर एस.आर. वर्मा मेमोरियल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।

फ़िलहाल चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज में इतिहास विभाग में अध्यापक हैं। 

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