Chhote Shahar Ki Ladki

Fiction : Stories
500%
() Reviews
As low as ₹156.00 Regular Price ₹195.00
You Save 20%
In stock
SKU
Chhote Shahar Ki Ladki
- +

"छोटे शहर की लड़की कहानी-संग्रह में स्त्री को उसके 'सम्पूर्णता' के आइने में देखा गया है। पुरुष मानसिकता के बीच से स्त्री के अस्तित्व की तलाश की गयी है। प्रकृति ने जिस नर और नारी की संरचना की थी वह एक-दूसरे के पूरक के रूप में हैं। नैसर्गिक नियमों की वास्तविकता को आज नये परिवेश में तमाम सच्चाइयों से रूबरू होना पड़ रहा है। स्त्री-विमर्श के प्लेटफार्म पर स्त्री नये अन्दाज में दिख रही है। यह उसका पुरुष हो जाना कतई नहीं है। वह एक कोमल संरचना ही रहेगी। नजर और नज़रिया तभी मायने रखता है जब पारखी सामने हो। पारखी पाठकों के समक्ष यह पुस्तक है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2022
Edition Year 2022, Ed. 1st
Pages 142p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22.5 X 15 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Chhote Shahar Ki Ladki
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Kalpana Verma

Author: Kalpana Verma

डॉ. कल्पना वर्मा
जन्म : इलाहाबाद में।
शिक्षा : डी.फ़िल, फ़ोटोग्राफ़ी में सार्टिफ़िकेट कोर्स, इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
विगत 30 वषों से अध्ययन, अध्यापन, सृजन में संलग्न। विविध शोध-पत्र राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित है। राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन तथा उनमें भागीदारी।
प्रकाशित पुस्तकें : ‘काल : आमने-सामने’ (संवेदनात्मक कोलाज), ‘विजयिनी मानवता हो जाए’ (सर्जनात्मक लेखन), ‘समकालीन विमर्श’, ‘साहित्य और समकालीनता’, ‘परम्परा और आधुनिकता’, ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास : बोधगम्य पाठ’ (आलोचनात्मक निबन्ध); ‘कुहासे के बाद’, ‘शब्दों की नज़र से’ (काव्य-संग्रह); ‘समकालीन लेखन और आधुनिक संवेदना’, ‘भूमंडलीकरण और हिन्दी’, ‘नवजागरण और प्रसाद की समकालीनता’ आदि (सम्‍पादन)।
सम्प्रति : अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, आर्यकन्या डिग्री कॉलेज, प्रयागराज।

Read More
Books by this Author

Back to Top