Bhagat Singh Ko Fansi : Vol. 2

Revolutionary Literature
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Bhagat Singh Ko Fansi : Vol. 2
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यह पुस्तक ‘भगत सिंह को फांसी-1’ का ही दूसरा भाग है। इसमें लाहौर साज़िश केस के दौरान हुई 457 गवाहियों में से महत्त्वपूर्ण गवाहियों के तो पूर्ण विवरण दिए गए हैं, जबकि शेष गवाहियों के तथ्य-सार दिए गए हैं। शहीद सुखदेव ने इस दस्तावेज़ का बारीकी से अध्ययन किया था और उनके द्वारा अंकित की गई टिप्पणियों का उल्लेख सम्बन्धित गवाहियों के ब्योरे में किया गया है। यहाँ यह कहना भी प्रासंगिक है कि इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को पहली बार प्रकाशित किया जा रहा है, जिसके द्वारा पाठकों को अनेक विचित्र तथ्य जानने का अवसर प्राप्त होगा। ज़िक्र योग्य है कि ये गवाहियाँ विशेष ट्रिब्यूनल के समक्ष 5 मई, 1930 से 26 अगस्त, 1930 तक हुई थीं जबकि इससे पूर्व 10 जुलाई, 1929 से 3 मई, 1930 तक मुक़दमा विशेष मजिस्ट्रेट की अदालत में चला था।

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Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2014
Edition Year 2014, Ed. 1st
Pages 344p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 2
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Editorial Review

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Author: Malvender Jit Singh Waraich

मलवेन्दरजीत सिंह वढ़ैच

प्रो. मलवेन्दरजीत सिंह वढ़ैच का जन्म 1929 में गाँव लाधेवाला वढ़ैच, जिला गुजराँवाला में हुआ। आपने इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र में एम.ए. तथा क़ानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना से सीनियर लेक्चरर के रूप में सेवानिवृत्त। आप चंडीगढ़ हाईकोर्ट में आपराधिक मामलों पर वकालत से भी जुड़े रहे हैं।

आत्मबलिदानी मदनलाल धींगरा और गदर विद्रोहियों के ख़ि‍लाफ़ लिए गए दो फ़ैसलों पर आधारित पुस्तक ‘वॉर अगेंस्ट किंग एम्प्रेरर-गदर ऑफ़ 1914-15’ के आप सह-लेखक हैं, इसके साथ-साथ आपने प्रसिद्ध छह गदर विद्रोहियों की आत्मकथाओं को भी सम्पादित किया तथा इनसे सम्बन्धित विषयों पर शोध में लगे हुए हैं।

 

 

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