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Yoon Hee

Author: Idrees Babar
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
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Yoon Hee

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इदरीस बाबर ने अपनी ग़ज़ल के ज़रिये नई शायरी को दरयाफ़्त किया है। उनकी किताब ‘यूँ ही’ की तमाम ग़ज़लों की ख़ासियत ये है कि वह ग़ज़ल के पुराने और घिसे-पिटे मज़ामीन को दोहराती नहीं हैं, बल्कि जदीद ज़िन्दगी से जुड़े इंसानी मामलात को अपना मौज़ू बनाती हैं। अपनी ग़ज़ल में वह उर्दू से वाबस्ता नफ़ासत और नज़ाकत को नज़र अन्दाज़ करते हुए ऐसे अलफ़ाज़ के इस्तेमाल करने में भी कोई बुराई महसूस नहीं करते, जिनको बहुत पहले मेयारी ज़बान के तसव्वुर ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उनके अन्दर का ग़ज़ल-गो हर तरह से समाज की बदलती हुई ज़हनी करवट, सियासी निज़ाम में धँसी हुई इनसानी चीख़ और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में इश्क़ करते, भटकते, बेरोज़गार और बा-सलाहियत नौजवान की बे-चैनी से वाक़िफ़ है। इदरीस बाबर के लिए कहा जा सकता है कि ग़ज़ल में ज़बान और बयान के जितने तज'रबे उन्होंने ज़फ़र इक़बाल के बाद किये हैं, वह अपने पहले शेरी मजमूए में किसी और शायर ने शायद ही किये हों। इस तरह वह जदीदतरीन ग़ज़ल में वाक़ई अनोखे लहजे के एक बा-कमाल शायर के तौर पर ख़ुद को मनवाने की भरपूर ताक़त रखते हैं। उनकी इस किताब से आपको उनके नएपन का महज़ कुछ पन्ने पलटते ही अन्दाज़ा हो जाएगा। 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 88p
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Idrees Babar

Author: Idrees Babar

इदरीस बाबर

इदरीस बाबर का जन्म पाकिस्तान के शहर गुजरांवाला में 1973 में हुआ। इंजीनियरिंग कॉलेज, लाहौर से इंजीनियरिंग की तालीम हासिल की। वह अपनी तालीम के ज़माने में अहम अदबी रचनाओं का तर्जुमा करते रहे। 1992 में ‘फ़ुनून’ नामी रिसाले में छपने वाली उनकी अनोखी ग़ज़लों के सबब उन्हें शोहरत हासिल हुई और उनका पहला शेरी मजमूआ ‘यूँ ही’ सामने आते ही पढ़ने वालों की तवज्जोह का मरकज़ बन गया। इदरीस बाबर ने उर्दू शायरी में ‘अशरे’ के नाम से एक नई सिन्फ़ भी ईजाद करी है, जिसमें दस मिसरों की पाबन्दी करनी ज़रूरी है। और इसे भी तेज़ी से मक़बूलियत हासिल हो रही है। इदरीस बाबर का शायराना लहजा उर्दू की बिलकुल ताज़ा आवाज़ों में नया और अनोखा माना गया है। ‘अशरे’ के नाम से ही उनकी किताब उर्दू में प्रकाशित हो चुकी है।

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