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Tinka Tinka Tihar (Hindi)

Edition: 2013, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Tinka Tinka Tihar (Hindi)

“दुनिया की हर औरत कभी न कभी एक ऐसे मुक़ाम से गुज़रती है जहाँ उसे अपनी चुप्पी और ज़बान के बीच में से किसी एक का चुनाव करना पड़ता है। जहाँ अदालतें महज़ सरकती हैं, सत्ताएँ सोचा करती हैं, संस्थाएँ दावे करती हैं और मन थरथराया करता है—वहाँ कविताएँ शर्म और धर्म को बचाए रखने का हौसला और मन में बुदबुदाता मंत्र बन जाती हैं। इन कविताओं में इतनी ताक़त है कि वे कह लेती हैं—थी.हूँ..रहूँगी...। तिहाड़ में उपजी इन कविताओं में आपको उधड़ चुकी कई लोरियों का अहसास होगा।”

—विमला मेहरा, वर्तिका नन्दा

यह किताब उन औरतों की है जिनका जिस्म क़ैद है, पर मन नहीं। इसमें तिहाड़ की चार महिला क़ैदियों की कविताएँ हैं जो उन्होंने सींखचों के पीछे रहकर लिखी हैं। कविताओं के साथ इसमें जेल नम्‍बर 6 की दुर्लभ तस्वीरें हैं जो इन्होंने ख़ुद ली हैं। मक़सद है—पाठक को उस जगह से परिचित करवाना जिसका नाम है—तिहाड़।

 

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2013
Edition Year 2013, Ed. 1st
Pages 139p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 23 X 15 X 1.5
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Author: Vartika Nanda

वर्तिका नन्दा

प्रोफेसर (डॉ.) वर्तिका नन्दा भारत की स्थापित जेल सुधारक, मीडिया शिक्षक और लेखिका  हैं। वे अपराध और जेल पर नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं। उनकी स्थापित तिनका तिनका फाउंडेशन ने देश की जेलों पर इकलौते पॉडकास्ट-तिनका तिनका जेल रेडियो की शुरुआत की। जिला जेल, आगरा (उत्तर प्रदेश) जिला जेल, देहरादून (उत्तराखंड और हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने भारत की जेलों में तिनका जेल पत्रकारिता की नींव रखी है। तिनका तिनका बंदियों को सकारात्मक पत्रकारिता के गुर सिखाता है। 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्‍त्री शक्ति पुरस्‍कार से सम्मानित। यह सम्मान उन्हें मीडिया औऱ साहित्य में उनके योगदान के लिए दिया गया। 2018 में सुप्रीम कोर्ट  की एक बेंच ने जेलों पर उनकी सलाहें शामिल कीं। जेलों का उनका काम दो बार लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ।

 

जेलों पर किताबें:  जेलों पर लिखी उनकी चार किताबें- तिनका तिनका तिहाड़ (2013 और 2023)तिनका तिनका डासना (2016 और 2020) और तिनका तिनका मध्य प्रदेश (2018)- जेल-जीवन पर प्रामाणिक दस्तावेज मानी जाती हैं। रेडियो इन प्रिजन (2024) का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया है।

 

पॉडकास्ट: वर्तिका नन्दा दिल्ली पुलिस की आवाज हैं। दिल्ली पुलिस के पॉडकास्ट -किस्सा खाकी का- की आधिकारिक किस्सागो। उनका तिनका तिनका जेल रेडियो देश की जेलों पर इकलौता पॉडकास्ट है।

 

वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की प्रमुख। #vartikananda

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