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Abhay

Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Abhay

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रचनाकार 'है' की चर्चा करता है और 'होना चाहिए' के इरादे से करता है। दोनों का निर्माण देखने के कोण से होता है और यह कोण हर रचनाकार का अपना होता है। इस परिप्रेक्ष्य में शैलेन्द्र मिश्र के संग्रह 'अभय' से गुजरना यह सुखद अनुभूति देता है कि कवि अपने समय के द्वन्द्व और तनाव से न केवल वाकिफ है, उसे व्यक्त करने की सटीक भाषा भी उसके पास है। उनकी कविताओं से गुजरना एक ऐसी ताज़ा संवेदना से गुजरना है, जो फैशनेबुल मुहावरों से अलग अपने होने को प्रमाणित करने के लिए उत्सुक ही नहीं संघर्षरत भी है। शैलेन्द्र मिश्रा के अनुभव विलक्षण नहीं हैं, विलक्षण हैं उन अनुभवों को अर्थ देने वाली उनकी काव्यानुभूति की बुनावट। कवि के संग्रह से उम्मीद की जाती है अनुभूतियों की ताज़गी और उनको व्यक्त करने का नयापन। दोनों ही स्थलों पर वे अकूत सम्भावना के कवि लग रहे हैं। वे समाज, राजनीति अर्थव्यवस्था और संस्कृति आदि के निहित विडम्बनाओं को बखूबी उजागर करते हैं और जीवन-विरोधी शक्तियों से निरन्तर मुठभेड़ करते हैं। निरीह, सजावटी, खोती और विपुल होती वस्तुओं के माध्यम से जागतिक यथार्थ के बीहड़ में संदर्भ, संवेदना तथा रचनात्मक सूझ-बूझ का अच्छा परिचय देते हैं। वस्तु-पूजा और सर्वग्राही बाजार कवि की चेतना को मथता है। उसके क्रूर तंत्र, पेच और कार्यप्रणाली पर कवि की पैनी नज़र है। इनसे लैस कविताओं का उम्मीद है पाठक समुदाय द्वारा भरपूर स्वागत किया जाएगा।
                                                                                                                              - श्रीप्रकाश मिश्र

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 120p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Author: Shailendra Mishra

शैलेन्द्र मिश्रा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद के 'घटवा' में जन्में शैलेन्द्र मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा बेहद साधारण तरीके से अपने गाँव में ही हासिल की। कॉलेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लखनऊ, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों का रुख किया।
पेशे से उत्तर-प्रदेश नगरीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और विचारों से कवि एवं लेखक के रूप में इन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्षों से लेखन कार्य में लगे शैलेन्द्र मिश्रा का प्रथम काव्य-संग्रह कुसुम के नाम से 2016 में प्रकाशित हुआ। इसी प्रकार वर्ष 2022 में डाकिनियों का देश नाम से यात्रा-वृत्तान्त प्रकाशित हो चुका है जिसे पाठकों के बीच में अत्यधिक पसन्द किया गया।
मृत्यु प्रमाण-पत्र शैलेन्द्र मिश्रा की कहानियों का संग्रह है जिसका आयाम मानव जीवन अनुभवों उसकी जिजीविषा एवं वर्गीय आकांक्षा को चित्रित करता है, अपने कथ्य में कहानियाँ मर्मस्पर्शी एवं जिन्दगी की जटिलताओं, मानव मन के संघर्ष को उकेरती है।
ई-मेल : [email protected]

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