G.N. Devy
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जी. एन. देवी
बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय और धीरूभाई अम्बानी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में अंग्रेज़ी के पूर्व प्रोफ़ेसर जी. एन. देवी अंग्रेज़ी, मराठी और गुजराती में लिखते हैं। वे बड़ौदा स्थित भाषा रिसर्च सेंटर और तेजगढ़ की आदिवासी अकादमी के संस्थापक हैं। उन्होंने भारत के आदिवासी तथा घुमन्तू समुदायों के साथ व्यापक रूप से काम किया है। पीपुल्स लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ़ इंडिया (PLSI) का नेतृत्व किया है, जो पचास खंडों में भारत की सभी जीवित भाषाओं का एक व्यापक दस्तावेज़ीकरण है।
उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘After Amnesia’, ‘Of Many Heroes’, ‘Painted Words’, ‘Nomad Called Thief’, ‘Vanaprastha’ (मराठी में) और ‘आदिवासी जाने छे’ (गुजराती में) शामिल हैं। उन्होंने स्वदेशी संस्कृतियों और ज्ञान पर छह खंडों की एक शृंखला का सह-सम्पादन भी किया है।
एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने विमुक्त और घुमन्तू जनजातियों के अधिकारों के आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और लेखकों और कलाकारों के दक्षिणायन आन्दोलन की शुरुआत की है। वर्तमान में धारवाड़ में रहते हैं। उन्हें उनके लेखन के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी कई पुरस्कार मिले हैं, जिनमें ‘पद्मश्री’, ‘प्रिंस क्लॉस पुरस्कार’ और ‘लिंगुआपैक्स पुरस्कार’ शामिल हैं।



