Television Aur Crime Reporting

Communication and Media Studies
500%
() Reviews
As low as ₹500.00
In stock
SKU
Television Aur Crime Reporting
- +

वर्तिका नन्दा की यह किताब हिन्दी पत्रकारिता के गम्भीर अध्येताओं, विशेषकर टीवी पत्रकारिता के छात्रों के लिए, अपराध पत्रकारिता के अनेक आयाम उजागर करनेवाली पठनीय सामग्री देती है। आज के भाषाई समाचार जगत में अपराध संवाददाता की भूमिका, उसके लिए ख़बरों के सही स्रोत और प्रस्तुति के तरीक़े क्या हों? टीवी के न्यूज़रूम में अपराध विषयक ख़बरें किस तरह अन्तिम आकार पाती हैं? टीवी के लिए अपराध से जुड़े समाचारों को किस तरह से लिखा जाना चाहिए? उसका तकनीकी पक्ष, साक्षात्कार तथा एंकरिंग की दृष्टि से उनका सही नियामन तथा प्रसारण कैसा हो?—इस सब पर अपने लम्बे अनुभवों की मदद से लेखिका ने सिलसिलेवार तरीक़े से प्रकाश डाला है। पुस्तक के अन्त में दिए गए टीवी स्क्रिप्ट के कुछ नमूने तथा उनसे जुड़ी शब्दावली का समावेश पुस्तक की उपादेयता को बढ़ाता है।

—मृणाल पाण्डे

‘भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार’ प्राप्त वर्तिका नन्दा के स्तम्भ पढ़ता रहा हूँ। उनकी पृष्ठभूमि, मीडिया में व्यावहारिक अनुभव और अध्यापन सम्पन्न है। मीडिया के तीनों सशक्त माध्यमों—इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और रेडियो में उन्होंने काम किया है। ख़ासतौर से मीडिया पर उनके स्तम्भ अत्यन्त सूचनाप्रद और विचारपरक होते हैं। आज मीडिया में कैरियर की अनन्त सम्भावनाएँ और अवसर हैं। यह पुस्तक मीडिया जगत की सूक्ष्म और बारीक़ चीज़ों को भी पाठकों तक पहुँचाएगी। उनकी दोनों भूमिकाएँ (पत्रकारिता अध्यापन) इस पुस्तक को विशिष्ट, अलग और महत्त्वपूर्ण बनाती हैं। मीडिया जगत के अध्ययन-अध्यापन से जुड़े लोगों के लिए नहीं, बल्कि पत्रकारिता जगत में रुचि रखनेवाले सामान्य पाठकों के लिए भी।

—हरिवंश।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Edition Year 2010
Pages 184p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21 X 14 X 1.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Television Aur Crime Reporting
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Author: Vartika Nanda

वर्तिका नन्दा

मीडिया शिक्षण और पत्रकारिता के ज़रिए अपराधों के प्रति जागरूकता लाने में सक्रिय। काम के केन्द्र में मीडिया, महिलाएँ और जेलें।

भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने 2014 में राष्‍ट्रपति भवन में ‘स्‍त्री-शक्ति पुरस्‍कार—2013’ प्रदान किया। 

‘बलात्कार और प्रिंट मीडिया की रिपोर्टिंग’ पर पीएच.डी.। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष। इससे पहले जी टीवी, एनडीटीवी, भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली और लोकसभा टीवी से जुड़ी रहीं। 

चर्चित किताबें—‘तिनका-तिनका तिहाड़’, ‘थी.हूँ..रहूँगी...’, ‘मरजानी’ और ‘टेलीविज़न और क्राइम रिपोर्टिंग’। ‘तिनका-तिनका तिहाड़’ लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉड् र्स में शामिल। क़ैदियों पर ही वर्तिका की फ़िल्म का विमोचन लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने 2015 में किया।

Read More
Books by this Author

Back to Top