Swadheenta Sangharsh Aur Police

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Swadheenta Sangharsh Aur Police
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इस पुस्तक में अत्यन्त विरोधाभासपूर्ण मनःस्थिति से गुज़र रहे समाज में क़ानून-व्यवस्था स्थापित करनेवाले तंत्र की सफलता या असफलता का मूल्यांकन करने का प्रयास किया गया है। एक ऐसे समाज में शान्ति-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध स्थिति पर नियंत्रण रखना उतना दुष्कर कार्य नहीं है, जो प्रशासनिक एवं पुलिस ढाँचे को अपना ही सृजन एवं अंग स्वीकृत करता हो; परन्तु जिस समाज की मनोदशा यह रही हो कि प्रशासनिक तंत्र उसके लक्ष्यों के मार्ग में बाधक है, उनका दुश्मन है, उसमें शान्ति-व्यवस्था स्थापित करना, अपराध स्थिति पर नियंत्रण रखना अत्यन्त कठिन एवं दुष्कर कार्य अवश्य होता है।

जिस समाज में शान्ति छोड़कर या प्रशासनिक तंत्र को चुनौती देकर अपना लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद हो, ऐसे मनोभावों वाले समाज में क़ानून-व्यवस्था स्थापित करना, अपराध स्थिति पर नियंत्रण रखना किस प्रकार, कितनी सफलता के साथ सम्भव हो सका?—निष्कर्षात्मक रूप में ऐसे मूल प्रत्ययों को विश्लेषणात्मक रूप से स्थापित करने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है।

पुस्तक में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे स्वतंत्रता आन्दोलन एवं विचारधारा को चरणबद्ध तरीक़े से विवेचित किया गया है। राष्ट्रीय आन्दोलन के प्रत्येक चरण की विवेचना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में अपराध स्थिति एवं पुलिस तंत्र के गठन एवं उनमें होनेवाले परिवर्तनों को भी विवेचना का विषय बनाया गया है। यह देखने एवं मूल्यांकित करने का प्रयास किया गया है कि राष्ट्रीय आन्दोलन की विचारधारा एवं राष्ट्रीय आन्दोलन की घटनाओं ने अपराध स्थिति को कहाँ तक प्रभावित किया है। पुलिस तंत्र के ढाँचे में होनेवाले परिवर्तनों को भी राष्ट्रीय आन्दोलन की घटनाओं, अपराध स्थिति पर उसके अनुवर्ती प्रभाव के दृष्टिकोण से विवेचित करने का प्रयास किया गया है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2000
Edition Year 2021, Ed. 3rd
Pages 200p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Editorial Review

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Ajay Shankar Pandey

Author: Ajay Shankar Pandey

डॉ. अजय शंकर पाण्डेय

पिता का नाम : श्री रामप्रकाश पाण्डेय

स्थायी पता : 33/2, स्टैनली रोड, इलाहाबाद

वर्तमान पता : डीएम कम्पाउंड, सेक्टर-14, राजनगर, गाजियाबाद।

शैक्षिक योग्यता : हाई स्कूल (प्रथम श्रेणी), इंटर मीडिएट (प्रथम श्रेणी), बी.ए. (प्रथम श्रेणी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पाँचवाँ स्थान), एम.ए. (आधुनिक इतिहास, प्रथम श्रेणी; इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीसरा स्थान), पीएच.डी. (20वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में यू.पी. में अपराध स्थिति एवं पुलिस प्रशासन), डी.लिट्. (अध्ययनरत) (विषय : लैंड मैनेजमेंट सिस्टम इन यू.पी.)

अनुभव : सी.एम.पी. कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मध्यकालीन इतिहास विभाग में दो वर्ष तक प्रवक्ता के रूप में कार्यरत।

वर्ष 1986 में उ.प्र. सिविल सेवा में चयन।

आठ वर्षों तक जनपद चमोली, मिर्जापुर, कानपुर देहात, उन्नाव, आगरा, फिरोजाबाद व अलीगढ़ में उप-जिलाधिकारी के पद पर कार्य किया।

दो वर्ष तक मुख्यमंत्री सचिवालय, उ.प्र. में संयुक्त सचिव के पद पर कार्य किया।

वर्तमान में जिलाधिकारी, गाजियाबाद के पद पर कार्यरत।

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