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Sipi Mein Shankhnad

Author: Sangeeta Mishra
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Sipi Mein Shankhnad

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‘सीपी में शंखनाद’ की कविताओं को आधुनिक स्त्री-विमर्श में एक भारतीय हस्तक्षेप की तरह देखा जा सकता है। इन कविताओं में उस स्त्री के दुःख और संघर्ष व्यक्त हुए हैं जो परम्परा से विच्छिन्न होकर नहीं, उसमें परिवर्तन करते हुए आगे बढ़ना चाहती है, पुरुष को एक नए रूप में ढालना चाहती है, एक ऐसी इकाई के रूप में जो स्त्री होने के अर्थ को समझ सके।

अपने समय, समाज और परिवेश की देखी-जानी स्थितियों को नई दृष्टि से देखने की क्षमता प्रदान करने वाली ये कविताएँ उन ​स्त्रियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो पुरुष द्वारा रचे गए भेद-विभेद को अपने सूक्ष्म प्रयासों से अनहुआ कर देना चाहती हैं।

इन कविताओं से पाँच वर्ष की वह बच्ची भी झाँकती है जिसकी कटोरी में चावल का पानी और उसके भाई के सामने दूध का कटोरा है, वह किशोरी भी जिसकी पढ़ाई छुड़ाकर उसे किसी पुरुष को सौंप दिया जाता है, वह वयस्क स्त्री भी जिसकी कोख को पाँचवीं बेटी को जन्म देते ही कलुषित घोषित कर दिया जाता है, वह पचास वर्षीय प्रौढ़ा भी जिसके बच्चे बूढ़ी कहकर उसका मखौल उड़ाते हैं।

यह काव्य-गाथा पूछती है कि क्या स्त्री होना दोयम दर्जे का मनुष्य होना है? स्त्री-विमर्श इस कविता का आधार है लेकिन थोड़ा भिन्न रूप में। स्त्री यहाँ प्रकृति है जो पुरुष के साथ अभिन्न होकर जुड़ी है।

ये कविताएँ स्त्री की उस सोच को भी स्वर देती हैं जो बदल रही है, जो पुरुष जैसी होकर नहीं बल्कि स्त्री होकर ही उस अन्याय को ग़ैर-ज़रूरी बना देती है जो बरसों से ज़ारी है। 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 197p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1.5
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Sangeeta Mishra

Author: Sangeeta Mishra

संगीता मिश्र

संगीता मिश्र का जन्म 24 जून, 1969 को छपरा, बिहार में हुआ। उन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर करने के साथ-साथ पत्रकारिता में भी स्नातकोत्तर डिप्लोमा लिया है और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा भी ली है।

पहली रचना 1987 में ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुई। तब से हिन्दी और अंग्रेज़ी की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैं। एक ग़ज़ल-संग्रह—‘हम ख़्वाब से बातें करते हैं’ प्रकाशित हो चुका है। हिन्दी-अंग्रेज़ी के लगभग 30 संकलनों में उनकी कविताएँ शामिल की गई हैं। समकालीन हिन्दी कवियों के एक कविता-संग्रह—‘सुनहरा स्पर्श’ का उन्होंने सम्पादन किया है। समाचार-चैनल में एंकर के रूप में काम और मंच पर गायन भी किया है। www.thes tylesymphony.com उनका ब्लॉग है।

‘फ़ेमिना’ पत्रिका ने उनके एक आलेख को 2013 में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित और प्रकाशित किया। देहरादून में 2017 में आयोजित ‘वैली ऑफ़ वर्ड्स’ में उनके ब्लॉग को ‘द बेस्ट ब्लॉग ऑफ़ बिहार’ पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी अंग्रेज़ी कविताओं को ‘क्रिसेंथेमम क्रॉनिकल्स अवार्ड, 2019’, ‘रूएल इंटरनेशनल अवॉर्ड, 2023’ और ग़ज़ल-संग्रह को ‘बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन चतुर्वेदी प्रतिभा मिश्र स्मृति सम्मान, 2024’ से सम्मानित किया गया।

ई-मेल : [email protected]

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