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Riyaz Aur Anya Kahaniyan

Author: T. Janakiraman
Translator: Anuradha Krishnaswamy
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Riyaz Aur Anya Kahaniyan

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तमिल साहित्य के सुपरिचित हस्ताक्षर टी. जानकीरामन की ये कहानियाँ भारतीय समाज की उन विडम्बनाओं को गहरी समझदारी और बारीकी से अंकित करती हैं जिनसे हम आज भी जूझ रहे हैं। मिसाल के तौर पर संग्रह की पहली ही कहानी ‘रियाज़’। जाति की अमानवीय मौजूदगी इस कहानी में जिस तरह उभरकर आती है एक‌बारगी चौंका देती है। नीची मानी जाने वाली एक जाति के प्रतिभावान युवक को संगीत सिखाने की इच्छा के कारण मल्ली को जिस तरह गाँव में हर किसी के मज़ाक का पात्र बनना पड़ता है, उसकी नाटकीयता पाठक को हतप्रभ कर देती है।

‘निर्णय’ शीर्षक कहानी सिर्फ़ समाज की, परम्पराओं की और स्त्री की विवशता की नहीं, भावनाओं के एक अबूझ संजाल की कहानी भी है, जो हमें प्रश्नों के एक भाव-विगलित चक्र में छोड़ जाती है।

छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर लिखी गईं ये कहानियाँ अपने प्रवाह और सूक्ष्म पर्यवेक्षण के चलते अत्यन्त पठनीय बन पड़ी हैं; और कुछ देर के लिए आपको सिर्फ़ अपने दायरे में जैसे सम्मोहित कर लेती हैं।

हिन्दी पाठकों के लिए नया आस्वाद और अलग भावभूमि पर रचीं गईं दिलचस्प कहानियाँ। 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Anuradha Krishnaswamy
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 144p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
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T. Janakiraman

Author: T. Janakiraman

टी. जानकीरामन

टी. जानकीरामन का जन्म 28 जून, 1921 को मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ था। वे 20वीं शताब्दी के प्रख्यात तमिल कथाकारों में शामिल हैं। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—मोहामुल, अमृतम्, मालार मंजम, सेमपारुती, अम्मा वंदालु, माराप्पासु (उपन्यास); आदि, नालावतु सर, थोडु, वीडु (उपन्यासिका); कोत्तुमेलम, सिवाप्पु रिक्शा, अकबर शास्त्री, एरुमई पोंगल, मनिदाभिमानम, पीडी करुनई, शक्ति वैद्यम (कहानी-संग्रह); उदय सूर्यन, नालापकम् (यात्रा-वृत्तान्त)। उन्होंने विश्व साहित्य की कई कृतियों का तमिल भाषा में अनुवाद किया जिनमें स्वीडिश लेखक पार लागरक्विस्त की द ड्वार्फ और इटालियन लेखक ग्रासिया डेलेड्डा की द मदर प्रमुख हैं। शक्ति वैद्यम के लिए 1979 में उन्हें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार से’ पुरस्कृत किया गया।

18 नवम्बर, 1982 को उनका निधन हुआ।

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