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Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti

Author: Ashok Pankaj
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti

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लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ?
इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं।

क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 208p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Ashok Pankaj

Author: Ashok Pankaj

अशोक पंकज

15 नवंबर, 1970 को बिहार के जहानाबाद जिला, लाट गाँव के एक संयुक्त किसान परिवार में जन्म। गाँव के सरकारी स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद, पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्व में बी.ए. ऑनर्स, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से राजनीतिशास्व में एम.ए. एवं एम.फिल.। वहीं से पीएच.डी. के दौरान नौकरी, तत्पश्चात यूजीसी फेलोशिप एवं पीएच.डी. स्थगित। बाद में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से पीएच.डी. एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से एल.एल.बी.। वैश्य कॉलेज, रोहतक, हरियाणा में राजनीति शास्त्र में प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष के रूप में 10 वर्षों तक लगातार शिक्षण के पश्चात् इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट में सीनियर फेलो एवं काउन्सिल फॉर सोशल डेवलपमेंट, नई दिल्ली में प्रोफेसर एवं निदेशक के रूप में कार्य।

अंग्रेजी में पाँच एवं हिन्दी में दो पुस्तकों के अलावा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में 30 से अधिक शोध-पत्र एवं 50 से अधिक पुस्तक समीक्षा प्रकाशित। अंग्रेजी में Right to Work and Rural India (2012) Sage; Subalternity, Exclusion and Social Change in India (2014) Cambridge University Press; Dalits, Subalternity and Social Change in India (2019) Routledge; Social Sector Development in North-East India (2020) Sage; and Inclusive Development Through Guaranteed Employment (2023) Springer तथा हिन्दी में लोहिया के सपनों का भारत (2024) एवं राममनोहर लोहिया : भारत की हिमालय नीति (2025) लोकभारती प्रकाशन से प्रकाशित।

सम्प्रति : काउन्सिल फॉर सोशल डेवलपमेंट में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत।

ई-मेल: [email protected]

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