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Raat Samundar Mein

Translator: Anuradha Sharma
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Raat Samundar Mein

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कहाँ आ के रुकने थे रास्ते! कहाँ मोड़ था! उसे भूल जा

वो जो मिल गया उसे याद रख, जो नहीं मिला, उसे भूल जा

वो तिरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गईं

दिल-ए-बेख़बर मिरी बात सुन, उसे भूल जा, उसे भूल जा

मैं तो गुम था तेरे ही ध्यान में, तिरी आस तेरे गुमान में

सबा कह गई मिरे कान में, मिरे साथ आ, उसे भूल जा

किसी आँख में नहीं अश्क-ए-ग़म तिरे बाद कुछ भी नहीं है कम

तुझे ज़िन्दगी ने भुला दिया, तू भी मुस्कुरा, उसे भूल जा

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Anuradha Sharma
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 160p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Author: Amjad Islam Amjad

अमजद इस्लाम अमजद

अमजद इस्लाम अमजद की पैदाइश 4 अगस्त, 1944 को लाहौर शहर में हुई। अमजद इस्लाम अमजद की शायरी का तअल्लुक़ ज़्यादातर नाज़ुक इंसानी जज़्बात और इश्क़ और उसकी महरूमी से है। उन्होंने इंसान और उसकी गुज़रती उम्र के छलावे की रस्सी से झूलते हुए उसके हलके अहंकार को भी अपनी शायरी में नक़्श किया है। उन्होंने शायरी के साथ साथ तनक़ीद, सफ़रनामे और टीवी ड्रामे भी लिखे हैं।

उनकी किताबों में ‘बर्ज़ख़’, ‘अक्स’, ‘सातवाँ दर’, ‘ज़रा फिर से कहना’ (शेरी मजमूए), ‘आँखों में तेरे सपने’ (गीत), ‘शहर दर शहर’ (सफ़रनामा) और ‘वारिस’ और ‘दहलीज़’ (ड्रामे) क़ाबिल-ए-ज़िक्र हैं।

उन्हें पाकिस्तान में शायरी और अदब के बड़े सम्मान ‘प्राइड ऑफ़ परफ़ॉरमेंस’ और ‘सितारा-ए-इम्तियाज़’ से नवाज़ा गया है।

उनका निधन 10 फ़रवरी, 2023 में हुआ। 

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