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Paanchali : Nari Ki Ek Shaswat Gatha

Author: Shachi Mishra
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Paanchali : Nari Ki Ek Shaswat Gatha

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पांचाली उपन्यास द्रौपदी के मन को समझने का प्रयास है। द्रौपदी आजीवन सहधर्मिणी बनी रही किन्तु इसके कारण पाँच पाण्डवों की पत्नी बनी। पांचाली का कथन है कि मेरे जीवन में एक भी क्षण ऐसा नहीं आया जहाँ मुझे अनुभव हुआ हो कि मैं इन सब की पत्नी हूँ। मैं तो सदैव इनकी दासी और भोग्या ही रही।

आज सोचती हूँ कि मैंने स्वयं को पाँच हिस्सों में क्यों बाँटा? जब बाँट ही रही थी तो छह हिस्से क्यों नहीं किए? एक हिस्सा अपने लिये क्यों नहीं रखा जहाँ मेरी इच्छा के विपरीत किसी का भी प्रवेश वर्जित हो, साथ ही बाँटते समय थोड़ी-सी बेईमानी क्यों नहीं कर ली? थोड़ी नहीं अधिक बेईमानी करनी चाहिये थी मुझे, आधा से भी अधिक, किन्तु अब तो बाँट चुकी, सब हिस्सों में से कतर-ब्योंत करूँगी तो भी कुछ पूरा तो होगा नहीं बस टुकड़े-टुकड़े ही रहेंगे। अब तो मैं अभ्यस्त हो चुकी हूँ वे हिस्से मेरे जीवन में ढल चुके हैं, उस समय क्यों नहीं सोचा?

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 320p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 2
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Shachi Mishra

Author: Shachi Mishra

शची मिश्र
गोरखपुर में 1955 में जन्मीं शची मिश्र ने एम.ए. हिन्दी की परीक्षा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, उ.प्र. से उत्तीर्ण किया।
साहित्य सेवा : उपन्यास चाय कॉफ़ी उर्फ तीसरी
दुनिया (मराठी में अनूदित), पाञ्चाली (मराठी एवं उड़िया में अनूदित), गिद्ध, यानी की फुल्ली फालतू, संकलन एवं संपादन-भोजपुरी के संस्कार गीत (हिन्दू और मुस्लिम गीतों का संकलन एवं विवेचन), हिन्दी बचाओ मंच का एक साल, भोजपुरी के प्रणय गीत : नकटा, भोजपुरी की लोक कथाएँ, भोजपुरी के ऋतुगीत, गितियन खनके अंगनवाँ, लोक रामायण, राम एक कालजयी चेतना पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ एवं लेख प्रकाशित।
सम्मान : हिन्दी साहित्य शिरोमणि सम्मान, (उत्तर
प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ तथा साहित्य मण्डल न्यास द्वारा राजस्थान)। साहित्य भूषण (2021 उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ)। साहित्य भूषण सम्मान (2022 हिन्दी अकादमी, मुम्बई)। अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य सेतु सम्मान (2023 कथा यू.के. एवं हिन्दी अकादमी, मुम्बई)। फणीश्वरनाथ रेणु पुरस्कार (2024 महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी, मुम्बई)।
सम्प्रति : पुणे, महाराष्ट्र में रहकर स्वतन्त्र लेखन।
सम्पर्क : डी 1- 101, कुमार प्रीवी सिएना, मगरपट्टा रोड, हडपसर, पुणे-411028 महाराष्ट्र।
email: [email protected]

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