Mulk : Patkatha

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Mulk : Patkatha
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मैंने 17 साल की उम्र में जब ‘गरम हवा’ देखी थी तो मुझे अपना सिर्फ़ भारतीय होना पता था। मैं ‘मुल्क’ देखते हुए रोती रही, क्योंकि अब मुझे पता है कि मुसलमान होना क्या होता है और उसके साथ क्या-क्या आता है।

—राना सफ़वी, इतिहासकार

‘मुल्क’ देखकर मेरा मन किया कि मैं ख़ुशी से चिल्लाऊँ। बहुत ज़ोर से।

—शुभ्रा गुप्ता, फ़‍िल्म समीक्षक, ‘इंडियन एक्सप्रेस’

निडर, दमदार और सम्मोहक।

—सैबल चटर्जी, फ़‍िल्म समीक्षक, ‘एनडीटीवी’

‘मुल्क’ ने बतौर भारतीय मुझे गर्व और ख़ुशी से भर दिया।

—विशाल ददलानी, गायक-संगीतकार

कमाल की फ़‍िल्म। हर शॉट, हर डायलॉग और हर पल बिल्कुल परफ़ेक्ट।

—फ़े डिसूज़ा, पत्रकार

‘मुल्क’ की चमक और साहस स्तब्ध कर देते हैं। हमारे समय की सबसे महत्त्वपूर्ण फ़‍िल्मों में से एक।

—शेखर गुप्ता, पत्रकार एवं सम्पादक

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2018
Edition Year 2018, Ed. 1st
Pages 160p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Editorial Review

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Anubhav Sinha

Author: Anubhav Sinha

अनुभव सिन्हा

निर्देशक, लेखक और निर्माता अनुभव सिन्हा ने फ़िल्मों के अलावा टीवी के लिए भी काफ़ी काम किया है। 1993 में आया धारावाहिक 'शिकस्त' उनकी आरम्भिक निर्देशकीय कृति थी जिसके पायलट एपिसोड से प्रभावित होकर गुलज़ार ने अपनी एक नज़्म उन्हें भेंट की थी। उन्होंने टीवी के लिए 'सी हॉक्स' का निर्देशन भी किया। 1998-2001 के दौरान उन्होंने लगभग दो सौ म्यूज़िक वीडियोज भी बनाए। बतौर फ़िल्म निर्देशक उन्होंने नए कलाकारों के साथ-साथ बड़े स्टार्स के साथ भी फ़िल्में बनाई हैं जिनमें 'तुम बिन', 'रा-वन' और 'दस' प्रमुख हैं। 2012 में उन्होंने फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में भी क़दम रखा और 'बनारस मीडियावर्क्स' की स्थापना की।

2018 में आई 'मुल्क' उनके करियर का अहम पड़ाव है, जिसे आलोचकों और दर्शकों, दोनों की तरफ़ से काफ़ी प्यार और सम्मान मिला।

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