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Mahasamrat Shivaji : Ghamasan (Vol.-2)

Author: Vishwash Patil
Translator: Ravi Buley
Edition: 2026, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
As low as ₹449.25 Regular Price ₹599.00
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Mahasamrat Shivaji : Ghamasan (Vol.-2)

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महाराज शिवाजी के जीवन पर आधारित मराठी उपन्यास-शृंखला ‘महासम्राट’ की दूसरी कड़ी है—‘घमासान’। ‘झंझावात’ शीर्षक इसकी पहली कड़ी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी और कन्नड़ में भी पाठकों का प्रेम पा चुकी है। शिवाजी के जीवन और उनके सैन्य अभियानों से जुड़े अनेक स्थलों की यात्राओं, अध्येताओं से साक्षात्कारों और अनेक ग्रन्थों के अध्ययन से निकले ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित यह उपन्यास मराठी की शीर्षस्थ रचनाओं में शामिल है।

इस दूसरी कड़ी में अफजल खान के वध से लेकर सिन्धु दुर्ग की नींव पड़ने तक की कहानी कही गई है। इस कथा में नेताजी पालकर नाम के एक पराक्रमी और दुस्साहसी चरित्र से भी हमारा परिचय होता है जो शिवाजी के जीवन में शहाजी राजे और जीजाऊ साहब के बाद अत्यन्त सहयोगी रहे।

यह उपन्यास यह भी बताता है कि शिवाजी महाराज का पराक्रम और उनके अभियान इस्लाम या किसी और धर्म के विरुद्ध नहीं थे। हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना के उनके प्रयासों में दरअसल कई मुस्लिम साथियों ने भी उनका साथ दिया था, जिन्हें इतिहासकारों और शोधकर्ताओं ने अकसर नजरअन्दाज किया।

यह उपन्यास-शृंखला, जिसके पीछे शोध और अध्ययन की एक बहुआयामी प्रक्रिया रही है, सभी तथ्यों का यथावत प्रयोग करती है, यही इसकी इतनी व्यापक स्वीकृति का कारण भी है। पहली कड़ी की तरह, उम्मीद है पाठक इस खंड को भी उतना ही रोचक पाएँगे।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Ravi Buley
Editor Not Selected
Publication Year 2026
Edition Year 2026, Ed. 1st
Pages 480p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.59 X 14 X 3
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Vishwash Patil

Author: Vishwash Patil

विश्वास पाटील

विश्वास पाटील मराठी भाषा में लिखने वाले अत्यन्त महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा प्राप्त उपन्यासकार हैं। उनके अनेक उपन्यास मराठी से ​हिन्दी सहित तमाम भारतीय भाषाओं में अनूदित होकर लोकप्रिय हुए हैं। उनके ‘पानीपत’, ‘महानायक’ और ‘सम्भाजी’ उपन्यासों को वेस्टलैंड और ‘झाड़ाझड़ती’ को हैचेट ने अंग्रेजी में प्रकाशित किया है।

‘झाड़ाझड़ती’ और उसके बाद प्रकाशित उपन्यास ‘नागकेशर’ के विशिष्ट सन्दर्भ में उनके सम्पूर्ण साहित्यिक योगदान को ध्यान में रखते हुए विश्वास पाटील को अत्यन्त प्रतिष्ठित ‘इन्दिरा गोस्वामी राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। इससे पूर्व उन्हें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘प्रियदर्शनी नेशनल अवार्ड’, गोवा के ‘नाथमाधव पुरस्कार’ और कोलकाता के भारतीय भाषा परिषद् के ‘साहित्य पुरस्कार’ समेत बीते बत्तीस वर्षों में साठ से अधिक साहित्य पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। पाटील के साहित्यिक वैभव का गौरव गान राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सुनील गंगोपाध्याय, अमिताव घोष और इन्दिरा गोस्वामी जैसे साहित्यकारों ने किया है।

महाराष्ट्र राज्य शासन की सेवा में आईएएस अधिकारी होने के नाते विश्वास पाटील ने शिरडी में अन्तरराष्ट्रीय विमानतल के वर्षों से रुके पड़े काम को तीव्र गति से मात्र 14 महीने में पूरा करा दिया था।

हाल में श्री पाटिल के लिखे ‘अण्णा भाऊंची दर्दभरी दास्तान’ नाम के चरित्रग्रंथ ने मराठी साहित्य रसिकों का ध्यान आकर्षित किया है। उनका उपन्यास ‘दुड़िया’ हिन्दी के साथ ओड़िया भाषा में भी प्रकाशित हो चुका है।

ई-मेल : [email protected]

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