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Kamal Ka Hai Mannu

Author: Mamta Kalia
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Kamal Ka Hai Mannu

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मन्नू यानी मानस के लिए दादी ठीक ही कहती हैं—‘कमाल का है साड्डा मन्नू!’

वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया का यह उपन्यास किशोरों के लिए है। परीक्षाओं में नंबरों की मारामारी के बरअक्स मन्नू और उसके दोस्तों की यह कहानी बताती है कि ऊँचे नंबर लाना जितना अहम है, उतना ही अहम एक बेहतर नागरिक बनना भी है, बल्कि उससे ज़्यादा।

और इसी के साथ ज़रूरी है अपनी प्रतिभा की पहचान करना, अपनी वास्तविक रुचि को समझना और उस दिशा में काम करते रहना। मन्नू का मन बिगड़ी हुई घ‌‌ड़ियों, ट्रांजिस्टरों आदि को ठीक करने में जितना लगता है, उतना न तो किताबें रटने में लगता है, न ही दोस्तों के साथ मटरगश्ती में। इसीलिए भले ही उसके नम्बर बस पास होन के लिए ही आए हों, उसके विज्ञान मॉडल को राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पहला पुरस्कार मिला।

यह लघु-उपन्यास किशोरों और छात्रों को पढ़ाई और जीवन के प्रति एक स्वस्थ,  सन्तुलित और रचनात्मक नज़रिया देता है।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 88p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 0.5
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Mamta Kalia

Author: Mamta Kalia

ममता कालिया

ममता कालिया का जन्म 2 नवम्बर, 1940 को वृन्दावन में हुआ। आपकी शिक्षा दिल्ली, मुम्बई, पुणे, नागपुर और इन्दौर शहरों में हुई। आप कहानी, नाटक, उपन्यास, निबन्ध, कविता और पत्रकारिता अर्थात् साहित्य की लगभग सभी विधाओं में हस्तक्षेप रखती हैं। हिन्दी कथा साहित्य के परिदृश्य पर आपकी उपस्थिति सातवें दशक से निरन्तर बनी हुई है। आप महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की त्रैमासिक अंग्रेज़ी पत्रिका ‘HINDI’ की सम्पादक भी रह चुकी हैं।

आपकी प्रमुख कृतियाँ हैं : ‘बेघर’, ‘नरक-दर-नरक’, ‘दौड़’, ‘दुक्खम सुक्खम’, ‘सपनों की होम डिलिवरी’, ‘कल्‍चर-वल्चर’ (उपन्यास); ‘छुटकारा’, ‘उसका यौवन’, ‘मुखौटा’, ‘जाँच अभी जारी है’, ‘सीट नम्बर छह’, ‘निर्मोही’, ‘प्रतिदिन’, ‘थोड़ा-सा प्रगतिशील’, ‘एक अदद औरत’, ‘बोलनेवाली औरत’, ‘पच्‍चीस साल की लड़की’, ‘ख़ुशक़िस्‍मत’, दो खंडों में अब तक की सम्पूर्ण कहानियाँ ‘ममता कालिया की कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह);
‘A Tribute to Papa and other Poems’, ‘Poems ’78’, ‘खाँटी घरेलू औरत’, ‘कितने प्रश्न करूँ’, ‘पचास कविताएँ’ (कविता-संग्रह); ‘आप न बदलेंगे’ (एकांकी-संग्रह); ‘कल परसों के बरसों’, ‘सफ़र में हमसफ़र’, ‘कितने शहरों में कितनी बार’, ‘अन्‍दाज़-ए-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’ (संस्‍मरण); ‘भविष्‍य का स्‍त्री-विमर्श’, ‘स्‍त्री-विमर्श का यथार्थ’, ‘स्‍त्री-विमर्श के तेवर’ (स्त्री-विमर्श); ‘महिला लेखन के सौ वर्ष’ (सम्‍पादन)।

आप ‘व्यास सम्मान’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘यशपाल स्मृति सम्मान’, ‘महादेवी स्मृति पुरस्कार’, ‘राममनोहर लोहिया सम्मान’, ‘कमलेश्वर स्मृति सम्मान’, ‘सावित्री बाई फुले स्मृति सम्मान’, ‘अमृत सम्मान’, ‘लमही सम्मान’, ‘सीता पुरस्कार’ ढींगरा फैमिली फ़ाउंडेशन, अमेरिका का ‘लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’, ‘ओ.पी. मालवीय स्मृति सम्मान’ से सम्मानित की जा चुकी हैं।

ई-मेल : [email protected]

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