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Gandhi Aur Kala Tatha Anya Nibandh

Author: Raman Sinha
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Gandhi Aur Kala Tatha Anya Nibandh

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भारतीय कलाओं, उनकी परम्पराओं और भाव-पक्ष पर सुनियोजित ढंग से विचार करने वाली ‘गांधी और कला तथा अन्य निबन्ध’ पुस्तक डॉ. रमण सिन्हा के समय-समय पर लिखे गए निबन्धों और व्याख्यानों का संकलन है। ‘गांधी और कला’ शीर्षक सुदीर्घ निबन्ध इसकी विशेष उपलब्धि है जिसमें कलाओं को लेकर गांधी की दृष्टि और विभिन्न कलाओं में गांधी व उनके विचारों के अंकन को अलग-अलग कोणों से देखा गया है।

कलाओं की आन्तरिक परस्परता को भारतीय कला-दृष्टि की विशिष्टता बताते हुए यह पुस्तक उन कला-रूढ़ियों को भी रेखांकित करती चलती है जो वक़्त-वक़्त पर विदेशी लोगों के आगमन के साथ भारत की कला-धारा में समाहित होती रहीं, और उसे नया रूप देती रहीं। मध्यकालीन भारतीय कला और संस्कृति पर विचार करते हुए लेखक कहते हैं कि भारतीय चित्रकला के इतिहास में मुग़ल शैली का उद्भव एक युगान्तरकारी घटना सिद्ध हुई, जिसमें दो संस्कृतियों ने एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान का सम्बन्ध कायम किया तथा देशी का विदेशी के साथ व परम्परा का नवाचार के साथ संवाद बना।

‘तुलसीदास का प्रतिमा-निरूपण’, ‘कविता और राग’ तथा ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत : लौकिक या पारलौकिक?’ आदि निबन्धों के अलावा अभिनय के माध्यम से अपने आत्म का अन्वेषण करनेवाले फ़िल्मकार ऋतुपर्ण घोष पर केद्रित एक आलेख भी इसमें शामिल है जो इस कला-विवेचन को हमारे आज के कला-बोध से जोड़ता है।

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 192p
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1.5
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Raman Sinha

Author: Raman Sinha

रमण सिन्हा

जन्म : 1960

प्रकाशन : ‘अनुवाद और रचना का उत्तर-जीवन’, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में संगीत-साहित्य और अनुवाद पर लेख एवं कविताएँ प्रकाशित। शमशेर पर एक पुस्तक का लेखन-कार्य।

सम्प्रति : भारतीय भाषा केन्द्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यापन।

ई-मेल : [email protected]

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