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Dharohar Kahaniyaan : Bhuvaneshwar

Author: Bhuvneshwar
Edition: 2025, Ed. 1st
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
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Dharohar Kahaniyaan : Bhuvaneshwar

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कहानी के वस्तु-तत्त्व को इस तरह से झीना और प्रगाढ़ करके उसे पारम्परिक कथालेखन से अलगाने का काम उस तरह से किसी ने नहीं किया जैसे कि भुवनेश्वर ने अपनी पाँच-सात कहानियों में कर दिखाया। उनकी संक्षिप्ति और सांकेतिकता हिन्दी कहानीकारों के लिए एक मिसाल है। भुवनेश्वर को मानवीय चरित्रों की अद्भुत पहचान है, और फिर उन्हें रचते वक्त वे हल्के-हल्के ब्रश-स्ट्रोक्स से जिस तरह से कहानी के वातावरण का सृजन करते हैं, उसमें तो उन्हें कमाल हासिल है। 

—दूधनाथ सिंह

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Vimal Chandra Pandey
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 96p
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
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Author: Bhuvneshwar

भुवनेश्वर

जन्म : 1910; शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश)

प्रसिद्ध एकांकीकार, लेखक एवं कवि। उनकी साहित्य साधना बहुआयामी थी। कहानी, कविता, एकांकी और समीक्षा सबमें उनकी लेखनी एक नए कलेवर का एहसास दिलाती है। छोटी सी घटना को भी नई, परन्तु वास्तविकता के सर्वाधिक निकट दृष्टि से देखने का नज़रिया भुवनेश्वर की विशेषता है।

प्रमुख कृतियाँ : कहानी-संग्रह—‘आजादी : एक पत्र’, ‘एक रात’, ‘जीवन की झलक’, ‘डाकमुंशी’, ‘भेड़िये’, ‘भविष्य के गर्भ में’, ‘माँ-बेटे’, ‘मास्टरनी’, ‘मौसी’, ‘लड़ाई’, ‘सूर्यपूजा’, ‘हाय रे, मानव हृदय!’; नाटक और एकांकी—‘ताम्बे के कीड़े’, ‘एक साम्यहीन साम्यवादी’, ‘एकाकी के भाव’, ‘पतित’ (शैतान), ‘प्रतिभा का विवाह’, ‘श्यामा : एक वैवाहिक विडम्बना’, ‘स्ट्राइक’, ‘ऊसर के नामहीन चरित्र’, ‘कारवाँ’। इसके अतिरिक्त भुवनेश्वर ने अंग्रेज़ी तथा हिन्दी में कुछ कविताएँ तथा आलोचनात्मक लेख भी लिखे हैं। 

निधन : 1957

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