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Wah Awaj-Paper Back

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9789360863197
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समय के बदलते मिजाज और जीवन तथा मन की शाश्वत जरूरतों को रेखांकित करती ‘वह आवाज’ कहानी-संग्रह की कहानियाँ अपनी दृष्टि के फैलाव के चलते भी हमें आकर्षित करती हैं और कहन के अपने तरीके से भी।

गाँव-जवार की पुरखिन धरती से उखड़े, किसान से मजदूर बनकर शहरों के किनारे शरणार्थी जीवन जीते लोग हों, या जीवन के पल-पल बदलते रूपों के साथ सामंजस्य बिठाने को जूझता मध्यवर्ग हो, आशा प्रभात हर बार अपनी भाषा को ऐसा प्रवाह देती हैं कि पाठक हर कहानी के साथ दूर तक बहता चला जाता है।

‘वह आवाज’ उनका नया कहानी-संग्रह है। इसमें संकलित ग्यारह कहानियों में उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी समाज के समकालीन संसार से कुछ ऐसे विषय पकड़े हैं जिन पर दृष्टिपात किया जाना अत्यन्त जरूरी है। प्राकृतिक आपदाओं के सम्मुख असहाय और सरकारी मशीनरी के सामने निरुपाय साधारण जनगण की विवशताएँ भी इसमें हैं, और पीढ़ियों के बीच खुलते भावनात्मक गवाक्षों से फूटती उम्मीदें भी। संकलन की शीर्षक कथा ‘वह आवाज’ एक ऐसी दुनिया की तरफ इशारा करती है जिसका होना आधुनिक मनुष्य के मन को अकसर चौंका जाता है। 

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2024
Edition Year 2024, Ed. 1st
Pages 144p
Price ₹250.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1
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Asha Prabhat

Author: Asha Prabhat

आशा प्रभात

आशा प्रभात का जन्म 21 जुलाई, 1958 को हुआ। उन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास आदि सभी विधाओं में समान अधिकार से लिखा है। हिन्दी और उर्दू में अब तक उनकी 19 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें सात उपन्यास—‘धुंध में उगा पेड़’, ‘जाने कितने मोड़’, ‘मैं और वह’, ‘गिरदाब’, ‘मैं जनकनन्दिनी’, ‘उर्मिला’, ‘मांडवी’; चार कहानी-संग्रह और दो काव्य-संग्रह शामिल हैं। उन्होंने ‘साहिर समग्र’ और ‘जब धरती नग़्मे गाएगी’ का संकलन-सम्पादन किया है। हिन्दी से उर्दू और उर्दू से हिन्दी में अनूदित उनकी पाँच पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनकी रचनाओं का हिन्दी और उर्दू की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन और आकाशवाणी व दूरदर्शन से प्रसारण होता रहा है।

उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं जिनमें ‘काव्य संगम पुरस्कार’, ‘प्रेमचन्द सम्मान’, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना का ‘साहित्य सेवा सम्मान’, ‘दिनकर सम्मान’, ‘साहित्य महोपाध्याय सम्मान’, बिहार उर्दू अकादमी, पटना का ‘सुहैल अज़ीमाबादी अवार्ड’ व ‘खसूसी अवार्ड’, ए.बी.आई. का ‘वुमन ऑफ़ दी इयर अवार्ड 1998’, दैनिक जागरण का ‘शताब्दी सम्मान’, प्रभात ख़बर का ‘अपराजिता सम्मान’, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना का ‘शताब्दी सम्मान’ और दैनिक भास्कर का ‘वुमन प्राइड अवार्ड’ शामिल हैं।

फ़िलहाल स्वतंत्र लेखन और पत्रकारिता कर रही हैं।

ई-मेल : [email protected] 

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